त्योहार मनाये लेकिन कानून के दायरे में : सीएम योगी





ईद के दौरान अगर सरक पर नवाज पढ़ना जायज है तो कावर यात्रा के दौरान कांवड़ियों को नाचने, गाने और डीजे बजाने पर कैसे पाबंदी लगाई जा सकती है? यह सवाल सीएम योगी आदित्यनाथ ने उठाया।इस खबर को सभी अख़बारों और न्यूज़ चैनल सहित पोर्टल पर मुख्यता से प्रकाशित किया गया है.इस खबर को नवभारत टाइम्स ने इस प्रकार से प्रकाशित किया  है teohar manaye lein kanun ke dayere 

बुधवार को सीएम योगी आदित्यनाथ ने उठाया एक नया सवाल केजीएमयू के साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर में एक पत्रिका का लोकार्पण करते हुए उन्होंने कहा की सभी धर्मों को अपने त्योहार मनाने की आजादी है। क्रिसमस मनाइए या नमाज पढ़िए, कुछ भी करिए, लेकिन कानून के दायरे में। पिछली सरकार द्वारा जन्माष्टमी के आयोजन पर पाबंदी पर उन्होंने कहा कि कहीं भी नमाज पढ़ने की आजादी है तो थानों में जन्माष्टमी पर कैसे सवाल उठा सकते हैं? teohar manaye lein kanun ke dayere 



मुसलमानों की देश भक्ति पर क्यों सक कर रही है योगी सरकार

नवभारत ने अपने इस लेख में लिखा है की लखनऊ जनसंचार एवं पत्रकारिता संस्थान और प्रेरणा जनसंचार एवं शोध संस्थान के तहत केशव संवाद पत्रिका के विशेषांक ‘अंत्योदय की ओर’ का लोकार्पण किया गया। इस दौरान सीएम ने आगामी लोकसभा चुनाव तक बीजेपी के अजेंडे की झलक दिखाई। सरकार बनने के बाद उन्होंने अवैध बूचड़खानों पर प्रतिबंध लगाए जाने को पहली उपलब्धि के तौर पर पेश किया। उन्होंने कांवड़ियों को दी गई सुरक्षा और सहूलियतें गिनाईं। teohar manaye lein kanun ke dayere 

नवभारत टाइम्स ने आगे लिखा है की सीएम ने किसानों की कर्जमाफी का जिक्र करते हुए कहा कि इसके लिए कोई अतिरिक्त टैक्स लगाकर फंड नहीं जुटाया गया, केवल तुष्टीकरण की योजनाओं का खर्च बचाकर व्यवस्था की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ पत्रकार नरेंद्र भदौरिया ने की। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो़ एमपी दुबे भी मौजूद रहे। teohar manaye lein kanun ke dayere

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