यूपी में अब तक 6 हजार लोग मारे गये और सरकार कुम्भकर्णी नींद में सोई है





देश के सबसे अधिक जनसँख्या वाले राज्य उत्तर प्रदेश में इन दिनों एक अजीब किस्म की बीमारी का मामला सामने आया है। इस बीमारी का नाम इन्सेफेलाइटिस है जो मष्तिष्क की सूजन के रूप में पहचान की जाती है। हालांकि, इस बीमारी का पहला मामला 1978 में दर्ज हुई थी। तबसे लेकर आज तक उत्तर प्रदेश राज्य में इस बीमारी से 6 हजार लोगों की मौत हो चुकी है,  मरने वालों में बच्चों की संख्या अधिक है। इस बीमारी से गोरखपुर सबसे अधिक प्रभावित हुआ है। Encephalitis virus affected gorakhpur 

विशेषज्ञों का कहना है की इन्सेफेलाइटिस जिस मच्छर के काटने से होता है। वो गोरखपुर के क्षेत्रों में अधिक पाया जाता है। 2011 से लेकर अब तक इस बीमारी से 433 लोगों की जान जा चुकी है।  जिसमें 336 बच्चे है। Encephalitis virus affected gorakhpur 

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इन्सेफेलाइटिस से अधिक केस मानसून के समय में दर्ज की जाती है। अत्यधिक बारिश होने के कारण गंदगी से ये मच्छर पनपता है और ये मच्छर ब्रीडिंग के जरिये मच्छरों की संख्या बढ़ता है। जिससे ये संक्रमण और अधिक बढ़ जाता है। गोरखपुर इन्सेफेलाइटिस से 2006 और 2010 में अधिक प्रभावित हुआ है तब से ये क्षेत्र इन्सेफेलाइटिस से प्रभावित है। Encephalitis virus affected gorakhpur 

सरकार ने इस मद्देनजर वैक्सीन कैंपेन को चलाया था जिससे कुछ हद तक इस संक्रमण को कम किया गया है। हालांकि, बारिश के समय में इन्सेफेलाइटिस का संक्रमण बढ़ जाता है। खासकर बच्चों पर इसका सीधा असर पड़ता है। Encephalitis virus affected gorakhpur 

इन्सेफेलाइटिस  के लक्षण Encephalitis virus affected gorakhpur 

इन्सेफेलाइटिस के संक्रमण  से रोगी के मष्तिष्क में सूजन आ जाता है , बुखार के साथ आपकी गर्दन में अकड़न,  सिरदर्द, प्रारंभिक स्थिति में यह बुखार फ्लू की तरह रियेक्ट करेगा। बाद में, ये संक्रमण का रूप ले लेता है। जिससे मरीज की जान जाने की सम्भावना बढ़ जाती है।  यदि इस प्रकार के लक्षण  दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सक की सलाह और परामर्श लें। Encephalitis virus affected gorakhpur 

इन्सेफेलाइटिस के उपाय Encephalitis virus affected gorakhpur 

 समय पर टीकाकरण कराएं

मच्छरों से रहे सावधान

साफ-सफाई रखें

गंदे पानी जमा नहीं होने दे, समय-समय पर गमलों, गुलदस्तों, पानी टंकी आदि की सफाई करें।

बच्चों को बेहतर खान-पान

बच्चों को पूरा कपड़ा पहनाएं

यदि इस तरह की सावधानी बरतेंगे तो आप इस जापानी इन्सेफेलाइटिस  से  न केवल अपनी बल्कि दूसरों की भी ज़िन्दगी बचा सकते है। Encephalitis virus affected gorakhpur

( प्रवीण कुमार )