हॉस्पिटल की लापरवाही पर विपक्ष ने सीएम का इस्तीफा माँगा





बीआरडी मेडिकल कॉलेज में लगातार हो रही बचों की मौत वो भी ओक्सीजन की कमी के कारन अभी तक 54 लोगो की मौत हो चुकी है इस खबर को नवभारत टाइम्स ने इस प्रकार से प्रकाशित किया  है. राज्य सरकार के लिए जवाब देना मुश्किल हो रहा है। यहाँ तक की  असपताल की ओर से भी अब लीपापोती की कोशिशें शुरू कर दी गई हैं। Opposition demands CM’s resignation

बताया जा रहा है कि एक महीने से ऑक्सिजन संकट की खबर स्थानीय मीडिया में दी जा रही थी, लेकिन सीएम योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को इस बारे में जानकारी तक नहीं थी। हैरानी की बात तो यह है कि सीएम योगी ने खुद दो दिन पहले इस अस्पताल का दौरा किया था, लेकिन फिर भी इतनी बड़ी घटना हो गई। ऐसे में विपक्षी दलों ने सरकार को निशाने पर ले लिया है। आज दिन भर गोरखपुर में सरकार के मंत्रियों और विपक्ष के नेताओं का जमावड़ा लगने वाला है। अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। Opposition demands CM’s resignation



मुसलमानों की देश भक्ति पर क्यों सक कर रही है योगी सरकार

नवभारत ने अपने इस लेख में लिखा है की 48 घंटों में 36 बच्चों सहित 54 मौतों ने पूरे देश को हिला दिया है। सरकार के लिए यह शर्मिंदगी की वजह इसलिए भी बन गया है कि गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का संसदीय क्षेत्र रहा है और मुख्यमंत्री अकसर यहां का दौरा करते रहते हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हो गई? इस संबंध में जो बातें निकलकर सामने आ रही हैं, वह साफ इशारा कर रही हैं कि मामले की पूरी जानकारी होने के बावजूद अधिकारियों ने लापरवाही बरती जो कई घर के चिरागों को बुझा गई। Opposition demands CM’s resignation

नवभारत टाइम्स ने आगे लिखा है की प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर आशुतोष टंडन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात करने के बाद गोरखपुर के रवाना हो रहे हैं। लौटने के बाद वे सीएम को पूरी रिपोर्ट सौंपेंगे। गोरखपुर रवाना होने से पहले सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि विपक्षों दलों को मौत पर राजनीति नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मामले की जांच कराई जाएगी और जल्द ऐक्शन लिया जाएगा। यह एक गंभीर मामला है।’ मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि मुख्यमंत्री हालात पर नजर रखे हुए हैं। Opposition demands CM’s resignation

घटना के बाद अब अस्पताल की व्यवस्थाओं से जुड़ी शिकायतें खुलकर सामने आने लगी हैं। अस्पताल में भर्ती बच्चों के परिजनों का कहना है कि उन्हें खाना और दवायें बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी की बात भी सामने आई है। एक डॉक्टर ने कहा, ‘मॉनसून में मरीजों की संख्या काफी बढ़ जाती है। ऐसे में हमें एक बेड पर 2 मरीजों को लेटाना पड़ता है। डॉक्टरों की कमी है, लेकिन हम लगातर उन्हें मॉनिटर करते हैं।’ इस बीच अस्पताल में ऑक्सिजन सिलिंडरों की सप्लाई शुरू हो गई है। Opposition demands CM’s resignation



सवाल यह पूछा जा रहा है कि जब ऑक्सिजन सप्लाई करने वाली फर्म पुष्पा सेल्स की ओर से 1 अगस्त को ही पत्र के जरिए बकाया 63.65 लाख रुपये का भुगतान न होने के कारण सप्लाई बाधित होने की चेतावनी दी गई थी, तो फिर अस्पताल प्रशासन आखिर क्यों नहीं चेता? इन्हीं तमाम सवालों को अब विपक्ष की आवाज मिल रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद और प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर गोरखपुर पहुंच रहे हैं। उनके अलावा कांग्रेस सांसद संजय सिंह भी गोरखपुर आएंगे। Opposition demands CM’s resignation

नवभारत टाइम्स ने आगे लिखा है की उधर यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भी शुक्रवार शाम ट्वीट के जरिए इस घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मृतकों का पोस्टमॉर्टम तक नहीं किया गया है, परिजनों को लाश देकर भगा दिया गया और मरीजों के भर्ती कार्ड भी गायब कर दिए गए हैं। बीएसपी भी इस मसले पर योगी सरकार के खिलाफ आक्रामक हो गई है। उसने तंज कसते हुए कहा है कि सरकार को जब गाय और गोबर से फुर्सत मिलेगी, तब वह बच्चों को देखेगी। पार्टी के कहा है कि सरकार को बर्खास्त करके स्वास्थ्य मंत्री सहित पूरे स्टाफ को जेल भेजा जाना चाहिए।

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