22 सितंबर 2018 को है प्रदोष व्रत जानिए व्रत की कथा एवम इतिहास



वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार वर्ष के प्रत्येक माह के दोनों पक्षों की त्रयोदशी को प्रदोष व्रत मनाया जाता है। तदनुसार, भाद्रपद की शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी  22 सितंबर 2018 को प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। devotional masik pradosh vrat history 

परिवार में मंगल ही मंगल होता है। devotional masik pradosh vrat history 

कलयुग में प्रदोष व्रत का अतुल्य महत्व है, भगवान शिव जी के भक्त श्री सूत जी का कहना है की जो भक्त प्रदोष व्रत के दिन उपवास रख कर शिव जी की आराधना व् पूजा करते है, उनकी सारी मनोकामना पूर्ण होती है तथा सभी प्रकार का दोष दूर हो जाता है एवं परिवार में मंगल ही मंगल होता है। devotional masik pradosh vrat history 

प्रदोष व्रत प्रत्येक महीने के दोनों पक्ष की त्रयोदशी को पड़ता है । भक्तगण सप्ताह के सातो दिन व्रत रख सकते है। ऐसी मान्यता है की प्रदोष व्रत को करने से सप्ताह के सातो दिन भिन्न -भिन्न प्रकार की मनोकामनाएँ पूर्ण होती है। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythlogy.org

अब नहीं बोल पायेंगे तलाक, तलाक, तलाक




One thought on “22 सितंबर 2018 को है प्रदोष व्रत जानिए व्रत की कथा एवम इतिहास

  • 22/09/2018 at 3:50 PM
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    good news

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