जानिए आदि गुरु शंकराचार्य जी की जीवनी know-life-story-of-guru-shankracharya




जगत गुरु आदि शंकराचार्य का जन्म वर्तमान में केरल राज्य के कालड़ी में एक नबुन्दरी ब्राह्मण परिवार में 788 ईसा पूर्व में हुआ था। आदि शंकराचार्य एक महान दार्शनिक एवम हिन्दू धर्मगुरु थे। इस वर्ष आदि शंकराचार्य जयंती बुधवार 11 मई 2016 को है। हिन्दू धार्मिक ग्रंथो के अनुसार आदि शंकराचार्य को भगवान शंकर का अवतार माना जाता है। आदि शंकराचार्य अद्वैत वेदान्त के संस्थापक और हिन्दू धर्म के प्रचारक थे। आदि शंकराचार्य सनातन धर्म के जीर्णोद्धार में लगे रहे उनके प्रयासों से हिन्दू धर्म को एक नव चेतना प्राप्त हुई gurus hankracharya life history

आदि शंकराचार्य’ जन्म कथा guru hankracharya life history

शिवगुरु नामपुद्रि एवम उनकी पत्नी विशिष्टादेवी को जब विवाह पश्चात कोई संतान की प्राप्ति नही हुई तब इन्होने दीर्घ काल तक पुत्र प्राप्ति के लिए भगवान शंकर की कठिन तपस्या तथा पूजा की जिससे भगवान शंकर जी अति प्रसन्न होकर एक रात उनके स्वप्न में आकर बोले, मांगो वत्स क्या चाहिए तुम्हे। gurus hankracharya life history

शिवगुरु ने भगवान शंकर जी से एक दीर्घायु सर्वज्ञ पुत्र की कामना व्यक्त की। तब भगवान शंकर जी ने कहा कि वत्स ये कामना पूर्ण नही की जा सकती है। तुम या चाहे तो सर्वज्ञ पुत्र की कामना करो, अथवा दीर्घायु पुत्र की कामना करो। तदोपरांत शिवगुरु ने सर्वज्ञ पुत्र के लिए प्रार्थना की जिसे भगवान शंकर जी ने स्वीकार कर बोले मैं स्वंय पुत्र रूप में तुमहारे घर पर जन्म लूंगा। gurus hankracharya life history

इस प्रकार भगवान शंकर जी के वरदान अनुसार वैशाख माह में शुक्ल पक्ष की षष्ठी को शिवगुरु को पुत्र की प्राप्ति हुई। जिसका नाम शंकर रखा गया। शैशव काल में शंकर अर्थात शंकराचार्य ने संकेत दे दिया कि वे सामान्य बालक नही है। सात वर्ष की अवस्था में शंकर ने सम्पूर्ण वेदो का पूर्ण अध्ययन कर लिया था। बारहवें वर्ष में पूर्ण शास्त्र वेता हो गए तथा सोलह वर्ष की उम्र में इन्होने शताधिक ग्रंथो की रचना कर डाला। शंकर अपने इन्ही महान कार्यो के लिए आदि गुरु शंकराचार्य नाम से प्रसिद्ध हुए। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythology.org  gurus hankracharya life history