जानिये आखिर क्यों मनाया जाता है लोहड़ी पर्व !




सिख धर्म का प्रमुख्य त्योहार लोहरी है, पंजाबी समुदाय के लोग लोहरी बड़े श्रद्धा और धूमधाम से मनाते है। हिन्दू और सिख धर्म के लोग नए साल की शुरुवात लोहरी मकर संक्रांति पर्व से ही करते है। लोहरी का पर्व हर पंजाबी के लिए खास होता है लेकिन यह त्योहार उन परिवारो के लिए बेहद खास होता है जिनके परिवार में नयी शादी या बच्चे का जन्म हुआ हो। know lohri festival importance

लोहरी की कथा एवं इतिहास know lohri festival importance

ऐसा माना जाता है की सुंदरी और मुनरी नाम की दो बहने थी। सुंदरी और मुनरी के माता-पिता का स्वर्गवास हो गया था। जवान होने पर उनके चाचा दोनों बहनो को राजा के हाथ बेचना चाहता था। दुल्ला भट्टी नामक डाकू को इस विषय में पता चलता है तो दुल्ला भट्टी इन बच्चियों को उसके जालिम चाचा के चुंगल से बचा कर सुंदरी और मुनरी का पिता बन उन दोनों की शादी योग्य वर से शादी कराके उनके आँचल में एक सेर गुड की ढेली बांध कर उन्हें विदा करता है। तबसे लोहरी का त्योहार मनाने की प्रथा चली आ रही है। जिसे पुरे देश में सिख और हिन्दू धर्म के लोग द्वारा हर्षोउल्लास के साथ मनाया जाता है। know lohri festival importance

लोहरी का महत्व know lohri festival importance

सिख धर्म के गुरु ग्रन्थ साहिब के अनुसार लोहरी का समय अति शुभ होता है। इस दिन नए फसल से अग्नि देव की पूजा करके अग्नि देव की परिक्रमा करते हुए लोग अग्नि देव से प्रार्थना करते है। अग्नि देव के आशीर्वाद से जीवन में सुख और मंगल का आगमन होता है। मान्यता यह है की जिनके घर में बच्चे का जन्म हुआ हो वो परिक्रमा के समय बच्चे को अग्नि के सामने ले जाने से बच्चे के जीवन में शुभता और तरक्की आती है और जितनी ख़ुशी से हम लोहरी मनाते है उससे अधिक खुशहाली और कामयाबी हमारे जीवन में आता है। know lohdi festival importance  अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें  www.hindumythology.org