महेश नवमी की कथा एवम इतिहास




वेदो, पुराणो एवम शास्त्रो के अनुसार ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को महेश नवमी मनाई जाती है। तदनुसार इस वर्ष सोमवार 13 जून 2016 को महेश नवमी मनाई जाएगी। महेश नवमी पुरे देश में हर्षोल्लास से मनाया जाता है। ऐसी मान्यता है की माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति के स्त्रोत भगवान शिव जी है। अतः माहेश्वरी समाज के लोग इस पर्व को बड़े ही धूमधाम से मनाते है। महेश नवमी की कथा एवम इतिहास  महेश नवमी की कथा एवम इतिहास    know mahesh navami history 

माहेश्वरी समाज की उत्पत्ति  know mahesh navami history 

धार्मिक मान्यताओ के अनुसार महेश नवमी का उत्सव महेश अर्थात भगवान शिव जी एवम माता पार्वती की आराधना को समर्पित है। ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की नवमी को भगवान शंकर की कृपा से माहेश्वरी समाज की उतपत्ति हुई थी।महेश नवमी की कथा एवम इतिहास    know mahesh navami history 

महेश नवमी की कथा  know mahesh navami history 

धार्मिक ग्रंथो के अनुसार माहेश्वरी समाज के पूर्वज क्षत्रिय वंश के थे। एक दिन जब इनके वंशज शिकार पर थे तो इनके शिकार कार्यविधि से ऋषियों के यज्ञ में विघ्न उतपन्न हो गया। जिस कारण ऋषियों ने इनलोगो को श्राप दे दिया था की तुम्हारे वंश का पतन हो जायेगा।  know mahesh navami history 

माहेश्वरी समाज इसी श्राप के कारण ग्रसित हो गया था । किन्तु ज्येष्ठ माह में शुक्ल पक्ष की नवमी के दिन भगवान शिव जी की कृपा से उन्हें श्राप से मुक्ति मिल गई तथा शिव जी ने इस समाज को अपना नाम दिया। इसलिए इस दिन से यह समाज महेशवरी के नाम से प्रसिद्ध हुआ।  know mahesh navami history 

भगवान शिव जी की आज्ञानुसार माहेश्वरी समाज ने क्षत्रिय कर्म को छोड़कर वैश्य कर्म को अपना लिया। अतः आज भी माहेश्वरी समाज वैश्य रूप में पहचाने जाते है।महेश नवमी की कथा एवम इतिहास अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythology.org       story & history ofmahesh navami 



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