चंद्रमा पर लगेगा वर्ष का पहला ‘ग्रहण’, भूलकर न करें ये काम




हिंदी द्रिक पंचांग के अनुसार वर्ष 2017 के माघ माह में चन्द्र ग्रहण का सयोंग बन रहा है। तदनुसार, शनिवार  11 फरवरी  2017  को चन्द्र ग्रहण पड़ेगा। भौतिक विज्ञानं के अनुसार जब पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच में सूर्य आ जाता है तो सूर्य की ज्योति के कारण चन्द्र अदृश्य हो जाता है। इसी घटना को चन्द्र ग्रहण कहा जाता है। यह घटना पूर्णिमा को घटित होती है। moon eclipse will happen today

सम्पूर्ण चन्द्र ग्रहण उस समय घटित होती है जब सूर्य पृथ्वी के अत्यधिक समीप रहते हुए पृथ्वी और चन्द्रमा के बीच में आ जाता है। इस स्थिति में सूर्य अपनी छाया से चन्द्रमा को ढक  देती है। जिससे चन्द्रमा अदृश्य हो जाता है। इस प्रकार का ग्रहण चन्द्र ग्रहण कहलाता है। moon eclipse will happen today  

आंशिक चन्द्र ग्रहण

उस समय घटित होती है जब सूर्य पृथ्वी और चंदमा के बीच में आ जाए तो इस घटना को आंशिक चन्द्र ग्रहण कहते है। moon eclipse will happen today

चन्द्र ग्रहण की कथा वेदो,पुराणो तथा शास्त्रो में सूर्य ग्रहण एवम चन्द्र ग्रहण का कारण राहु-केतु को बताया गया है। पौराणिक कथा के अनुसार दैविक काल में जब देवताओ को अमृत पान तथा दैत्यों को वारुणी पान कराया जा रहा था तब इस बात की खबर दैत्य राहु को हुआ। दैत्य राहु ने छुपकर देवता की पंक्ति में जाकर बैठ गया परन्तु अमृत पान के पश्चात इस बात को सूर्य एवम  चन्द्र ने उजागर कर दिया। दैत्य के इस कार्य के लिए भगवान विष्णु अति क्रोधित हो गए और उन्होंने तत्काल ही अपने सुदर्शन चक्र से दैत्य राहु का सर धड़ से अलग कर दिया। moon eclipse will happen today

जिससे दैत्य राहु का सर शरीर से अलग हो गया। परन्तु दैत्य राहु ने अमृत पान कर लिया था अतः वह निष्प्राण होने के बजाय ग्रहो की भांति हो गया। तदुपरांत, ब्रह्मा जी ने दैत्य राहु के दोनों हिस्सों में से एक राहु को चन्द्रमा छाया में जबकि केतु को पृथ्वी की चचाय में स्थान दिया है। अतः ग्रहण के समय राहु-केतु सूर्य और चन्द्रमा के समीप रहता है। इसलिए सूर्य या चन्द्र ग्रहण के समय राहु-केतु की पूजा करना मंगल प्रदान करने वाला है। राहु-केतु केवल सूर्य और चन्द्र ग्रहण के समय दिखाई देता है।  moon eclipse will happen today   

भारतीय वैदिक काल और चन्द्र ग्रहण ऋग्वेद के अनुसार महान ऋषि वराहमिहिर को इस घटना का ज्ञान प्राप्त था तथा उन्होने परिवार को यह ज्ञान प्रदान किया था।वेदो, पुराणो और शास्त्रो के अनुसार जब राहु चन्द्रमा को और केतु सूर्य को ग्रसता है इससे ही सूर्य-चन्द्र ग्रहण पड़ता है। moon eclipse will happen today

चन्द्र ग्रहण के समय जठरागिन, नेत्र  तथा पित्त जैसी बीमारियो का प्रकोप बढ़ता है। गर्भवती स्त्री को सूर्य या चन्द्र ग्रहण का दीदार नही करना चाहिए।  इससे ग्रभपत की संभावना बढ़ जाती है। इस दिन स्त्री को चाकू या कैची का प्रयोग नही करना चाहिए।  यह धार्मिक मान्यताओ के अनुसार अशुभ है। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें hindumythology.org

( प्रवीण कुमार )