26 दिसंबर 2017 को है पौष पुत्रदा,जानिए व्रत की कथा एवम इतिहास




सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व है, साल में 24 एकादशी होती है और हर महीने में 2 एकादशी होती है। पौष माह में कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी तथा शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी कहते है।भगवान श्री कृष्ण जी ने इस एकादशी की कथा, महत्व एवम पूजा विधि युधिष्ठिर को बताया था। इस व्रत के मात्र कथा सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है। pausha putrada ekadashi vart katha

पुत्रदा एकादशी के दिन दीप दान का भी विधान है यह संध्याकाल में किया जाता है। ‘रात को वैष्णव पुरुषों के साथ जागरण कर भगवान विष्णु जी का भजन-कीर्तन करना चाहिए। यह सब पापो को हरनेवाली तथा संतान प्राप्ति का व्रत है और इस सिद्धियों के दाता भगवान विष्णु जी है। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythology.org

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