9 मार्च 2018 को मनाई जाएगी शीतला सप्तमी,जानिए कथा एवम इतिहास




शीतला अष्टमी का पर्व भारत के प्रत्येक कोने में मनाया जाता है। कही माघ माह में शुक्ल पक्ष की षष्ठी को, कही बैशाख माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी को तो कही चैत्र माह में कृष्ण पक्ष की सप्तमी अथवा अष्टमी को शीतला अष्टमी का पर्व मनाया जाता है। शीतला माता अपने साधकों के तन-मन को शीतल कर देती है तथा समस्त प्रकार के तापो का नाश करती है। शीतला अष्टमी को ” बूढ़ा बसौड़ा”,  “बसौड़ा”, अथवा  ‘बसियौरा’ भी कहा जाता है। वर्ष 2017 का शीतला अष्टमी चैत्र माह में कृष्ण पक्ष की अष्टमी अर्थात सोमवार 9 मार्च 2018 को मनाई जाएगी । shitala saptami ki vrat katha

 

शीतला माता की कथा shitala saptami ki vrat katha

एक बार की बात है, प्रताप नगर में गाँववासी शीतला माता की पूजा-अर्चना कर रहे थे और पूजा के दौरान गाँव वालो ने गरिष्ठ का प्रसाद माता शीतला को प्रसाद रूप में चढ़ाया। गरिष्ठ प्रसाद से माता शीतला का मुंह जल गया। इससे माता शीतला नाराज हो गई। माता शीतला क्रोधित हो गयी और अपने कोप से सम्पूर्ण गाँव में आग लगा दी जिससे सम्पूर्ण गाँव जलकर रख हो गया परन्तु एक बुढ़िया का घर बचा हुआ था।अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythlogy.org

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