देश को मोदी की नहीं बल्कि राहुल गाँधी की जरुरत है : शिवसेना




शिवसेना लम्बे समय से भाजपा से नाराज चल रही है. आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा अपनी 25 साल पुरानी सहयोगी को मनाने की कोशिशें कर रही है लेकिन लगता है शिवसेना इस बार मानने के मूड में नहीं है. हाल ही शिवसेना ने घोषणा किया था कि वह आगामी चुनाव अकेले लड़ेगी. जिसके बाद से भाजपा लगातार उसे मनाने में जुटी हुई है. इसी के मद्देनजर भाजपा ने जून में होने वाले राज्यसभा के उपसभापति की सीट शिवसेना को देने कि पेशकश कि थी लेकिन शिवसेना ने इसको लेकर इंकार कर दिया है. shivsena refused bjp proposal

उपराष्ट्रपति पदों पर भी अपनी ही पसंद के उम्मीदवारों को बैठाया था shivsena refused bjp proposal

गौरतलब है कि शिवसेना के साथ रिश्तों में आई कड़वाहट को दूर करने कि कोशिशों में लगी भाजपा के लिए यह बड़ा झटका है. हालाँकि इसके बावजूद भाजपा उपसभापति की सीट को विपक्ष को देने के बजाय अपने ही किसी सहयोगी को देना चाहती है. बता दें कि 2014 लोकसभा चुनावों के भाजपा ने राष्ट्रपति व उपराष्ट्रपति पदों पर भी अपनी ही पसंद के उम्मीदवारों को बैठाया था. इसीलिये वह उपसभापति के अहम पद के लिए भी अपने ही किसी सहयोगी दल के नेता को बैठना चाहेगी. shivsena refused bjp proposal

2019 में पीएम मोदी का जेल जाना तय है : तोगड़िया

लोकसभा चुनावों में अभी देरी है लेकिन इस पद पर कांग्रेस को बैठने का मौका नहीं मिले इसे ध्यान में रखते हुए 6 सदस्यों वाले जेडीयू या अन्नाद्रमुक को मौका दिया जा सकता है. गौरतलब है कि राज्यसभा में इस समय सीटों का गणित लगभग बराबरी पर चल रहा है. ऐसे में न भाजपा और न ही कांग्रेस कोई भी इस मौके को गवाने कि गलती नहीं करेंगे. फ़िलहाल तो शिवसेना के इंकार के बाद भाजपा को नये सिरे से अपनी रणनीति बनानी पद रही है. shivsena refused bjp proposal