एसीड एटैक पर आधारित उपन्यास का लोकार्पण




गांधीशांति प्रतिष्ठान,नई दिल्ली में डॉ. आशीष तंवर द्वारा लिखित औरअनुराधा प्रकाशन,नई दिल्ली द्वारा प्रकाशितएसिड एटैक पर आधारित अंग्रेजी उपन्यास लभ या औबसेसन“LOVE OR OBSESSION”का लोकार्पण मुख्य अतिथि सर्वोच्च न्यायालय केपूर्व न्यायाधिपति श्री अनिल दवे, एसिड अटैक पीड़ितों को सहारा देने वाली संस्था“छांव”के संस्थापक श्री आलोक दीक्षित समाज सेविका तथा अनुराधा प्रकाशन कीसंरक्षक श्रीमती कविता मल्होत्रा,पाक्षिक पत्रिका‘उत्कर्ष मेल’और अनुराधा प्रकाशन केप्रकाशक एवं संपादक श्री मनमोहन शर्मा “शरण”द्वारालेखक- डॉ. आशीष तंवर की उपस्थिति में किया गया । acid attack novel

संस्था को प्रदान किया जाएगा

इस कार्यक्रमके मुख्य अतिथि उच्चतम न्यायालय के न्यायाधिपति और राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण(NALSA)के सेवानिवृत्त अध्यक्षमाननीय न्यायमूर्ति श्री अनिल दवे ने उपन्यास में उठाई गई एसिड अटैक पीड़ितों के शारीरिक,मानसिक,सामाजिक उत्पीड़न की गंभीरसमस्या और प्रेम और वासना पर अपने विचार व्यक्त किए और युवाओं से प्रेम में त्यागकी भावना को समझने और महिलाओं का सम्मान करने पर बल दिया। acid attack novel

वही “छांव” केसंस्थापक श्री आलोक दीक्षित ने विशेष अतिथि के रूप कहा कि अब परिस्थितिया बदल रहीसरकार पहले से सख्त कानून बनाया है। पहले पीड़ित का समाज मे उपेक्षा होती थी पर अबधीरे-धीरे सम्मान बढ़ रहा है। acid attack novel

इस अवसर परमाननीय न्यायाधिपति श्री अनिल दवे कीधर्मपत्नी श्रीमती मीना दवे,समाज सेविका तथा अनुराधा प्रकाशनकी संरक्षक श्रीमती कविता मल्होत्रा,पाक्षिक पत्रिका‘उत्कर्ष मेल’और अनुराधा प्रकाशन केप्रकाशक एवं संपादक श्री मनमोहन शर्मा “शरण”,दिल्लीविश्वविद्यालय के सेवा निवृत्त प्रो.डॉ. विक्रम चोपड़ा,उपन्यासकारएवं अनुवादक श्री अशोक चावला, लेखक एवं पत्रकार लाल बिहारी लाल सहित अनेक गणमान्यसाहित्यकार एवं समाजसेवियों के साथ-साथ,“छांव” संस्था द्वारा संचालित “शिरोज हैंग आउट”आगरा से दो एसिड पीड़ितसुश्री रुकैया और मधु उपस्थित थे। acid attack novel

सेवा में रचना” क‍िसान” प्रस्तुति-लाल बिहारी लाल

मंच का संचालन युवा लेखक और कलाकार श्री गौरवचावला ने किया। मनमोहन शर्मा ने माननीय मुख्य अतिथि,विशिष्ट अतिथि तथा कार्यक्रम में पधारे सभीमहानुभावों का आभार प्रकट किया और बताया कि इस उपन्यास की बिक्री का 20%हिस्साएसिड अटैक पीड़ितों को सहारा देने वाली संस्था को प्रदान किया जाएगा।

( लाल बिहारी लाल )