धरा को बचाने के लिए जन भागीदारी जरुरी है




देश दुनिया में पर्यावरण का तेजी से क्षति होते देख अमेरिकी सीनेटर जेराल्ट नेल्सन ने 7 सितंबर 1969 को घोषणा की कि 1970 के बसंत में पर्यावरण पर राष्ट्रब्यापी जन साधारण प्रदर्शन किया जायेगा। उनकी मुहिम रंग लायीऔर इसमें 20 लाख से अधिक लोगो ने भाग लिया। और उनके समर्थन में जानेमाने फिल्म और टी.वी. के अभिनेता एड्डी अल्बर्ट ने पृथ्वी दिवस के निर्माण में एक अहम भूमिका अदा किया। earth day 2018

चक्रीकरण के प्रयास को उत्साहित किया गया। earth day 2018

यही कारण है कि उनके जन्म दिन 22 अप्रैल के अवसर पर 1970 के बाद हर साल पृथ्वी दिवस मनाया जाने लगा। एल्वर्ट को टी.वी.शो ग्रीन एकर्स में भूमिका के लिए भी जाना जाता है। 141 देशों के पहल पर 1990 में 22 अप्रैल को पूरी दुनिया मेंविश्व स्तर पर पर्यवरण के मुद्दो को उढाया गया जिसमें पुनः चक्रीकरण के प्रयास को उत्साहित किया गया। औऱ 1992 में रियो दी जेनेरियो में संयुक्त राष्ट्र संघ ने इसे करवाया। earth day 2018

पृथ्वी दिवस का अब तक के सबसे बड़ा आयोजन हुआ earth day 2018

इस सम्मेलन मे ग्लोबल वार्मिग एंव स्वच्छ उर्जा को प्रोत्साहित करने पर बल दिया गया। सन 2000 में इंटरनेट ने पूरी दुनिया के कार्यकर्ताओं को एक मंच परजोड़ने में मदद की जिससे यह मुद्दा ग्लोबल हो गया। वर्ष 2000 में 22 अप्रेल को 500समुह 192 देशों के करोड़ो लोगो ने हिस्सा लिया। इसके आगे हर साल यह प्रक्रिया चलती रही। सन 2007 में पृथ्वी दिवस का अब तक के सबसे बड़ा आयोजन हुआ जिसमें अनुमानतः हजारों स्थान पर जैसे- कीव,युक्रेन, कानवास, बेनजुएला,तुवालु,मनिला,फिलीपिंस, टोगो, मैड्रीड ,स्पेन, लन्दन, औऱ न्यूयार्क के करोड़ो लोगों ने हिस्सा लिया। earth day 2018

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विकास के इस अंधी दौड़ में पेड़ो की अंधाधुन कटाई,वातावरण में कार्बन मोनो अक्साइड, कार्बन डाईआक्साइड,सल्फर ,सीसा,पारा आदि केसाथ -साथ कल-कारखानों के द्वारा धुआ एवं कचरा, कृषी मेंकीटनाशकों का अधिकाधिक प्रयोग आदी से धरती की बाह्य एवं आन्तरिक दशा काफी दयनीय हो रही है। earth day 2018

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पृथ्वी की इस दशा को सुधारने के लिए दुनिया के तमाम देश चिंतित है। उनमेंभारत भी एक है। गांधी जी ने भी पर्यावरण पर चिंता ब्यक्त करते हुए पृथ्वी मां कीरक्षा के लिए सकारात्म कदम उठाने की वकालत की थी। इसके लिए काफी प्रयास भी हुए ।प्रौद्योगिकी मंत्रालय से पर्यावरण एवं कृषी मंत्रालय से वन विभाग काटकर तत्कालिन प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नेतृत्व में 1986 में एक अगल मंत्रालय पर्यावरण एव वनमंत्रालय का गठन किया गया। earth day 2018

इसके बाद जल संरक्षण,भूमि संरक्षणऔर एंव वायु संरक्षण,वन संरक्षण आदि के लिए काफी नियम बनायेगए ।फिर भी पृथ्वी से अवैध खनन जारी है।इसके रोकने के लिए सरकार को सख्त कदम उठानाहोगा तभी इस माँ रुपी पृथ्वी को बचाया जा सकता है। वरना पृथ्वी के नष्ट होनो सेसमस्त जीव जन्तु नष्ट हो जायेगे। इसके लिए जरुरी है कि जीवों के इस संकट को समझनाही होगा और पृथ्वी के प्रति अपना दायित्व निभाना होगा तभी पृथ्वी बच पायेगी औरजीवों का कल्याण हो पायेगा। earth day 2018

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( लाल बिहारी लाल )