पढ़ें राष्ट्रीय गीत- कण-कण में महके चंदन




हिन्दू हो चाहे मुस्लिम या सिख-ईसाई
आपस में हम सभी है जस मानों भाई-भाई
मिले देखने को अजब यहां भाईचारा
सारे जहां से अच्छा………………..

अनेकता में एकता का है अजब मिशाल
गांधी,राजेन्द्र नेहरु ने जलायीथी मशाल
शांति अमन का जग में दिया है हमने नारा
सारे जहां से अच्छा………………..

जाने लकवा का देशी उपचार |पक्षघात का घरेलु उपाय

पावन भूमि धरा पर भारत है जिसका नाम
दुनिया में तू ती इसका अंरतिक्ष में है नाम
जनतंत्र का जगत में शासन है प्यारा-प्यारा
सारे जहां से अच्छा………………..

रक्षा करे हिमालय चंदन –सा महके माटी
प्रकृति ने दिया है ,सोना-सालाल माटी
धरा मिले जहां हरी वो देशहै हमारा
सारे जहां सेअच्छा……………….

संस्कार भारती की मासिक गोष्ठी समपन्न

गणतंत्र की हिफाजत करेंगेजान देके padhe rashtriy geet
कोई दिखायें आँख तो रहेगेंहम लेके padhe rashtriy geet
जनम लिया भारत मे सौभाग्यहै हमारा padhe rashtriy geet
सारे जहां से अच्छा………………..

( लाल बिहारी लाल, नई दिल्ली )