तिहार जेल में बही कविता की ब्यार




 बज़्म एसुखन और राजिंदर सिंह अरोरा ‘दिलदार देहलवी की जानिबसे तिहार की सेंट्रल जेल न. 4 में एकशानदार मुशायरे का आयोजन किया गया ! इस मुशायरेकी अध्य्क्षता जनाब राजेश चौहान सुपरिंडेंट साहेब ने की और विशिष्ट अतिथि थे जनाब कमर बदरपुरी साहेब! निज़ामत जनाब फैज़ ग़ाज़ीपुरी साहेब ने बहुतही ख़ूबसूरती से की मुशायरे में आमंत्रित शायर थे। tihad jail poem program

जनाब अरविन्द असर साहेब,डॉ.गुरविंदर सिंह बंगा, अमरीक सिंह अदब,मोहतरमा नीना सहर, जनाब . फैज़ग़ाज़ीपुरी, अजय अक्स, ए एस. अली खान, इरशाद सिकंदर खान,श्रोताओं में सभी विचाराधीन कैदी थे और सब ने सभी शायरों को बहुत गौर से सुना और शेर पसंदः आने पर भरपूर दाद दी। tihad jail poem program

जनाब अजय अक्स साहेब की मज़ाहियाशायरी का सभी ने भरपूर लुत्फ़ उठाया सभी के चेहरों पर मुस्कराहट नज़र आयी ! इस मौकेपर सुपरिंडेंट जनाब राजेश चौहान साहेब का कहना था की ऐसे प्रोग्राम कैदिओं को मानसिक तनाव से रहत देने के साथ साथ कुछ सन्देश भी देते है ! कैदी कुछ वक़्त के लिएही सही अपनी गम भूल जाते है tihad jail poem program

ये भी पढ़ें, अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर लाल कला मंचकी ओऱ से काव्य निशा आयोजित

अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर लाल कला मंच,नईदिल्ली की ओऱ से एक काब्य निशा का आयोजनमीठापुर चौक पर किया गया जिसके मुख्य अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी का. जगदीश चंद्र शर्मातथा इस काब्य निशा की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी लोक नाथ शुक्ला ने की। इस काब्यनिशा की शुरुआत लाल बिहारी लाल के सरस्वती वंदना से हुई-ऐसा माँ वर दे विद्याके संग-संग सुख समृद्धि से सबको भर दे। tihad jail poem program

लोक नाथ शुक्ला ने सभी कवियों को हार्दिक धन्यवाद दिया।

इस कड़ी को आगे बढ़ाया के.पी.सिंहकुंवर ने मजदूरो के स्वाभिमान की ओर इशारा करते हुए कहा कि-हाथ और हिम्तवाले है ,लक्ष्मी पास जरुर नहीं.,जैसा चाहो हमेंहाँक लो,ऐसे भी मजबूर नहीं।। इस कड़ी को आगे बढाया-मास्टर नानक चंद जी ने कहाकि- भोर रुआंसा,संध्या काली है,उनके बासन में जगह खाली है। वही मा. गिरीराज गिरीश ने कहा कि- दीन मानवआज भी पाषाण – युग में रह रहे।हैं कहां आराम इनको दुख सारे सह रहे।। world labour day 

भीमजदुरों के हीत की बात कही

वही असलमजावेद ने कहा कि अगर हम एक हो जाये मिटा के फर्क यारों । फजा जन्नत निशा होजाये अपने इस वतन के। वही इस कडी को आगे बढ़ाया आकाश पागल ,सुरेश मिश्रअपराधी,मा. कृपा शंकर ने। अंत में लाल कला मंच के संस्थापक सचिव दिल्ली रत्न लालबिहारी लाल ने मजदूरों की दशा एवं दिशा पर दोहा के रुप में कहा कि- पल-पल करतेचाकरी ,रोटी खातिर रोज। लाल जाने कब मिलेंगे,जीवन में सुख भोग।। world labour day 

मजदूर दिवस पर लाल बिहारी लाल के कुछ दोहे

अंत में दणिणीदिल्ली सी.पी.आई एम के सचिव का. जगदीशचद्र शर्मा ने को मजदूर दिवस की महता पर प्रकाश डाला। उपाध्यक्ष मलखान सैफी ने भीमजदुरों के हीत की बात कही । अध्यक्षता कर रहे लोक नाथ शुक्ला ने सभी कवियों को हार्दिक धन्यवाद दिया। इस अवसरपर कार्यक्रम के अंत में लाल बिहारी लाल को आर्य समाज सभा ,पश्चिमी दिल्ली की ओऱ से असलम जावेद एवंअतिथियों द्वारा पटका एवं स्मृति चिन्ह सेसम्मानित भी किया गया। world labour day 

( लाल बिहारी लाल )