लाल कला मंच ने विश्व पर्यावरण दिवस पर कवि गोष्ठी कर लोगों को किया जागरूक




दक्षिणी दिल्ली के बदरपुर स्थित मीठापुर चौक पर विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हर वर्ष का भांति इस वर्ष भी लाल कला मंच द्वारा काव्य संगोष्ठीका आयोजन किया गया जिसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनोंकी रक्षा करने को प्रेरित कना है। कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों का स्वागत लालबिहारी लाल एव लाल कला मंच के अध्यक्ष सोनू गुप्ता ने माल्यार्पण एव गुलदस्ता भेटकर किया world environment day 

इस गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ समाज सेवी का.जगदीश चंद्र शर्मा ने किय़ा मुख्य अतिथि के रुप में भाजपा के कर्मठएवं जुझारु नेता तथा समाजसेवी डा. बी.बी. सिंह मौयूद थे। इस कार्यक्रम का संयोजनदिल्ली रत्न लाल बिहारी लाल का था तथा मंच का संचालन फरीदाबाद से आये कवि शिवप्रभाकर ओझा ने किया। इस अवसर पर सभी कवियो एवं वक्ताओं ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर शपथ लिया की तन,मन कर्मएवं वचन से पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रयास प्रयास करुंगा। world environment day 

काब्य गोष्ठी की शुरुआतवरिष्ठ साहित्यकार एस.पी.ओझा के सरस्वती वंदना से शुरु हुई। जिसमें दिल्ली एवंएन.सी.आर के लगभग 17 कवियों ने अपनी-अपनी कविताओं के माध्यम से पर्यावरणसंरक्षण एवं बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के साथ-साथ कवियों ने देश के भ्रष्ट नेताओं परभी व्यंग कसा। उपस्थित कवियों में डा.कृष्णानंदतिवारी, अमृता रानी ,शिव प्रभाकर ओझा, लाल बिहारी लाल, महेंद्र प्रीतम, लाल बिहारी लाल ने कहा- दो कदमहम चलें और दो कदम चले आप । तब जाके प्रदूषण का मिटे धरा से छाप।। प्रदूषण का नंगादानव नाच रहा है दुनिया में । world environment day 

इस दानव को रोको वरना आग लगेगी दुनिया में। नानकचंद जी ने पक्षियों की घट रही प्रजातियों पर तंज कसा तो गिरी राजगिरीश ने पेड़ बचाने की गुहार लगाई तो वही जे.पी. गौतम ने सांस्कृतिक प्रदूषण पर रोकलगाने की बात कही। डा.सत्य प्रकाश पाठक ने इस धरती पर बढ़ रहे ग्लोबल वार्मिग परचिंता ब्यक्त की।वही के.पी. सिंह कुंवर नें आजकल के बच्चों में संस्कार की कमी कीवजह से पर्यावरण के प्रति जागरुक नही है जिससे पर्यावरण खराब हो रहा है। world environment day 

तो वहीयुवा कवि सिद्धांत ने कहा की सरकार आज निकम्मी है तभी प्रदूषण का पांव दुनिया मेंजमी है।डा. के.के. तिवारी ने अपनी सुमधुरकविताओं से समा बांध दिया जिससे पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गुंजायमानथा। मुख्य तिथि डा. बी. बी. सिंह ने कहा कि- सरकार अकेले पर्यावरण के दुरुस्त नहींकर सकती जब तक आम जनता की भागिदारी न हो। अंत में अध्यक्षीय भाषण में का. जगदीशचंद्र शर्मा ने कहा कि घऱती हम सब की माँ है इसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है अगरमां ठीक नहीं रहेगी तो भला बच्चें कैसे ठीक रह सकते हैं। world environment day 

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इसलिए धरती पर जीवन को बचाने के लिए आज अधिक सेअधिक पेड़ लगाना होगा तथा प्राकृतिक संसाधनों का कम से कम दोहन करना होगा। इस अवसरपर पुरविया समाचार पत्र के संपादक मनोज सिंह,जनतंत्र की मर्यादा के संपादक ओ.पी.मिश्रा ,क्राइम कंट्रोल के जेनरल सेकरेटरी लोक नाथ शुक्ला,समाजसेवी मलखान सैफी,रविशंकर,कृपाशंकर सहित कई गन्यमान्य मौयूद थे। इस कार्यक्रम के सह आयोजक होलिस्टिक अवार्नेसमिशन के अध्यक्ष डा.के.के. तिवारी का सहयोग सराहनीय रहा। अंत में लाल कला मंच केअध्यक्ष सोनू गुप्ता ने सभी आगन्तुको का हार्दिकधन्यवाद दिया। world environment day 

आबादी के दंश से पर्यावरण खराब ।

आबादी को रोक के, धरा करेंगे साफ।1।

पेड़ों में ब्रम्हा ,विष्णु ,पेड़ो में श्रीराम।

वन बचाने खातिर अब,लाल करो कुछ काम।2।

जीव रहे तब तक जिंदा,जब तक इनमें जान।

लाल खातिर है पादप,जस मानों भगवान।3।

वन धरा से मत काटें ,इसे लगाना सीख ।

वरना सेहत ना रहे ,मांगे मिले न भीख।4।

नेता भाषण रोज दे, पार्क में सरेआम।।

उसके जाते हो गया ,सारा काम तमाम।5।

तुलसी में विष्णु निवास,पीपल में श्रीकृष्ण।

बरगद में ब्रम्हा मिले, मिले आम से सीख।6।

गंगा तड़से मोक्ष को, बदला गजब रिवाज।

मानव अब तो सुधर जा,वरना गिरेगी गाज।7।

दो कदम हम चलें औऱ दो कदम चले आप।

तब जाके प्रदूषण का,मिटे धरा से छाप। 8।

एक हजल-धरा पर पेड़ न रहे….

दूसरी कविता

धरा परपेड़ न रहे तो सोचों क्या होगा

न येंजमीं न ओ आसमां होगा…..

न येचाँद न तारे न ये मौसम होगा

हर तरफशोर ही शोर और धुआं होगा

पेड़-पौधेपोषक हैं जीव – जन्तु के

धरा काहै गहना,इसको बचाना होगा

रहे नपेड़ तो जीवों का जीना मुश्किल

जीवो केखातिर वन लाल रोपना होगा

धरा परपेड़ न रहे तो सोचों क्या होगा

न येंजमीं न ओ आसमां होगा.

( लाल बिहारी लाल )