काली कमाई वाले नोटबंदी के बाद पैसे बचाने के लिए ये तरीके अपना रहे हैं।

एक जानकारी के मुताबिक काले धन के कुबेर पूर्वोत्तर राज्यों की तरफ रुख कर रहे हैं। पूर्वोत्तर के राज्यों सिक्किम, नागालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और मणिपुर में पुराने नोटों की अावक बढ़ी है।

कुछ दिनों पहले एक शख्स करीब 3.5 करोड़ की रकम के साथ दीमापुर में एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हुआ था।

जानिए आखिर क्यों पूर्वोत्तर राज्य इन काली कमाई को सफेद करने के लिए बेहतरीन जगह बन गयी हैं।

दरअसल पूर्वोत्तर राज्यों के विकास के लिए आयकर विभाग की तरफ से कई तरह की छूट मिली है।

उदाहरण के तौर पर इन राज्यों का कोई भी मूल शख्स अगर डिविडेंड या सरकारी प्रतिभूतियों के जरिए कमाई करता है तो उसे आयकर नहीं देना होगा। लेकिन इसी छूट का अब काले धन के कुबेर 500-1000 के पुराने नोटों को सफेद बनाने में जुट गए हैं।

असम के नॉर्थ कछार हिल्स, मिकिर हिल्स मिजोरम में गारो, खासी जयंतिया हिल्स और जम्मू-कश्मीर में लद्दाख इलाके में लोगों को आयकर अदा करने से छूट हासिल है। इसके अलावा इन इलाकों में कृषि से होने वाली कमाई पर भी कुछ खास छूट हासिल है।

दीमापुर में चार्टर्ड फ्लाइट से गायब 3.5 करोड़ की रकम की बरामदगी हो गई। नागालैैंड पुलिस का कहना है कि बुधवार को सीआईएसएफ ने इस रकम को बरामद किया था जिसे बाद में आयकर विभाग के हवाले कर दिया गया।

बाद में इस रकम को नगा व्यापारी अंटाओ झिमोमी को आयकर छूट की वजह से वापस कर दी गई। अंटाओ झिमोमी नागालैंड से एकमात्र सांसद नेफियो रियो के दामाद हैं। खास बात ये है कि रियो केंद्र में भाजपा सरकार को समर्थन दे रहे हैं।

आयकर विभाग की जांच में ये बात सामने आयी है कि गुड़गांव के एक व्यापारी ने अंटाओ झिमोमी से संपर्क किया था। झिमोमी वही शख्स हैं जिन्होंने 3.5 करोड़ की रकम पर अपना दावा पेश किया था।

बताया जा रहा है कि हिसार एयरपोर्ट से 500 और एक हजार के पुराने नोटों में करीब 11 करोड़ की रकम दीमापुर ले गए थे। 11 करोड़ की रकम को अंटाओ झिमोमी के खाते में जमा कराया गया था।अंटाओ को फिलहाल गिरफ्तार किया गया है।बताया जा रहा है कि आरटीजीएस के जरिए वो उस व्यापारी के खाते में रकम को ट्रांस्फर करने वाले थे।