क्या है यूपी विधानसभा में मिले विस्फोटक की सचाई?





उत्तर प्रदेश उस समय सकते में आ गई थी जब विधानसभा में विस्फोटक पाउडर मिला था। अबजब जांच चल रही है ऐसा कहा जा रहा है कि यह विस्फोटक नहीं है। 13 जुलाई को उत्तर प्रदेश के विधानसभा में पीईटीएन (प्लास्टिक एक्सप्लोसिव) मिला था जिसको लेकर सरकार ने तेजी से जांच के आदेश दिए और संदिग्ध पाउडर को जांच के लिए फरेंसिक लैब भी भेजा गया। uttar pradesh explosive truth

uttar pradesh explosive truth पाउडर की सचाई

लेकिन अब कहा जा रहा कि यह खतरनाक पाउडर नहीं है। जबकि प्राथमिक जांच पर इसे खतरनाक प्लास्टिक एक्सप्लोसिव पीईटीएन बता दिया गया था। लेकिन अब जो खबर छन कर आ रही है इससे पता चला है कि यह संदिग्ध पाउडर पीईटीएन नहीं है। हालांकि सरकार अभी तक इस तरह की किसी रिपोर्ट को नकार रही है। दरअसल यह कहा जा रहा था कि जांच के लिए इसे आगरा के लैब में भेजा गया है। लेकिन अब सरकार की ओर कहा गया है कि पाउडर की जांच के लिए आगरा एफएसएल नहीं भेजा गया है। uttar pradesh explosive truth
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उत्तर प्रदेश में विपक्ष को उड़ाने की साज़िश

आगरा एफएसएल में ऐसी मशीनें नहीं है जो इस तरह के विस्फोटक का टेस्ट कर सकें। हकीकत कुछ और है आगरा में फरेंसिक लैब तो है और यहीं विस्फोटकों की जांच भी होती है। प्रदेश में बरामद विस्फोटक जांच के लिए यहीं भेजे भी जाते हैं। लेकिन विगत 17 वर्षों में आज तक कोई भी विस्फोटक टेस्ट यहां नहीं हुआ है। न ही यहां कोई इसके विशेषज्ञ हैं। आगरा एफएसएल में विस्फोटक की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी का गठन हुआ था। जिसने 17 जुलाई को रिपोर्ट तैयार की इसमें दावा किया गया है कि यह विस्फोटक पाउडर नहीं है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने विधानसभा में पाए गए पीईटीएन विस्फोटक के मिलने के बाद गंभीर मामले मानते हुए उच्च स्तरीय मीटिंग बुलाई थी और कड़े कदम उठाने को कहा था। शुरुआती जांच में मिले 60 ग्राम वजन के पाउडर को फरेंसिक लैब भेजा गया जहां यह कहा गया कि यह विस्फोटक पाउडर है। जिसको लेकर कई विधायकों से पूछताछ भी की गई। uttar pradesh explosive truth




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