इन्होंने अंग्रेजों को दौड़ा दौड़ा कर मारा था !

इन्होंने अंग्रेजों को दौड़ा दौड़ा कर मारा था !

१८५७ की क्रान्ति में बड़े बड़े शूरवीरो,योद्धाओ के आलावा कुछ बहादुर महिलाओ ने भी बढ़ चढ़ के हिस्सा लिया था। जिन्होंने अंग्रेजो से अपना लोहा मनवाया। जिनके किस्से इतिहास में दर्ज हैं। आइये हम ऐसी ही एक बहादुर महिला के बारे में जानते हैं। नृत्य के लिए मशहूर इस महिला योद्धा ने अंग्रेजों को दौड़ा-दौड़ा कर मारा था। she british hit

वैसे 1857 से पहले राजा, महाराजा अंग्रेजों से एक भय के कारण टक्कर नहीं ले पा रहे थे किन्तु जब अंग्रेजों पर चारों तरफ से हमले हुए तो अंग्रेज भी इस क्रांति से एकबार को डर गये थे। इसी कड़ी में बेगम हजरत महल ने भी बड़ी बहादुरी से अंग्रेजों को अवध में टक्कर दी थी। she british hit

एक समय था कि बेगम हजरत महल फ़ैजाबाद में नृत्य किया करती थीं. इनका शुरूआती नाम मुहम्मदी खातून बताया गया है। जब अवध के नबाब वाजिद अली शाह ने उन्हें अपने शाही हरम में शामिल किया तब वे खातून से ‘हज़रत महल’ बना दी गयी थीं।

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1857 की क्रांति शुरू हुई तो बेगम हजरत महल ने अपनी सेना को एकत्रित किया और पूरे बल से अंग्रेजों पर आक्रमण कर दिया अंग्रेजों को अवध से यह उम्मीद नहीं थी। क्योकि अवध में कोई पुरुष राजा नहीं था इसलिए अंग्रेज इस जगह को सुरक्षित मान रहे थे। किन्तु बेगम हजरत खुद हाथी पर बैठकर युद्ध में अंग्रेजों से लड़ने के लिए जाने लगी थीं।

किन्तु हर बार की तरह आंतरिक कलह और धोखे की वजह से अंग्रेज बेगम की सेना के कई अहम योद्धाओं को मार देते हैं। इसके बाद कहा जाता है कि बेगम अवध छोड़ नेपाल चली गयी थीं ताकि वहां रहकर सेना का निर्माण कर सकें किन्तु 1879 में नेपाल के अन्दर ही बेगम हजरत महल का देहांत हो जाता है। she british hit, she british hit, she british hit, she british hit