500 रूपये के पुराने नोट से जलेंगे बल्ब



जी हां, आपने सही पढ़ा और सुना। पहले ये केवल लोगों के द्वारा जुमले में प्रयोग किया जाता था लेकिन ओडिशा के नौपाड़ा जिले के लक्ष्मण डुंडी ने इसे सच साबित किया है। 8 नवंबर 2016 को पीएम मोदी ने देश में 500 रूपये और एक हजार के पुराने नोट पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। जिसके बाद देश में अस्थिरता पैदा हुई लेकिन अब हालात सामान्य है। पुराने नोट को नए नोट में बदल दिया गया है और रद्दी पड़े पुराने नोट को ठिकाने लगाने की जुगात में मोदी सरकार और रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया जुट चुकी है। 500 rs ke purane note se jalene bulb

इसी बीच ओडिशा के 17 वर्षीय लक्ष्मण डुंडी ने बिजली उतपन्न करने का एक ऐसा नुस्खा ईजाद किया है। जिससे पूरा देश लक्षमण डुंडी पर गर्व महसूस कर रहा है। इसके लिए पीएमओ ने ओडिशा सरकार को लक्षमण डुंडी के बिजली उत्पादन के अनूठे प्रयास का संज्ञान लेने का आदेश दिया है। वही लक्षमण डुंडी ने पत्र के द्वारा पीएमओ और ओडिशा सरकार को सूचित किया है कि वो इसे फ्लोर टेस्ट पर भी बिजली उतपन्न कर साबित कर सकते है। 500 rs ke purane note se jalene bulb

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बता दें कि लक्षमण डुंडी एक किसान का बेटा है जो अपने पैतृक आवास पर बिजली बल्ब का छोटा कारोबार करता है। लक्षमण के अनुसार वो इस कार्य में पिछले पंद्रह दिनों से लगे है और मात्र 15 दिन में वो अपने एग्जाम में सफल हुए है।  500 rs ke purane note se jalene bulb

कैसा बनता है बिजली

लक्षमण के अनुसार उसने 500 रूपये के पुराने नोट को पहले फाड् लिया अब इस नोट के टुकड़े से सिल्वर कोटिंग को धुप में रखा और एक एक्सटेंशन बोर्ड की मदद से उन्होंने 5 वाल्ट की बिजली का उत्पादन किया। यदि पीएमओ और राज्य सरकार लक्षमण के इस खोज को जमीन पर लाते है तो ये युवाओं के लिए बड़ी उपलब्धि होगी।ज्ञात रहे कि पीएम मोदी भी देश के युवाओं को स्टार्ट अप योजना के तहत कुछ नया करने की बात करते रहे है। अब जबकि लक्षमण डुंडी के इस प्रयास से अन्य युवाओं को भी प्रेरणा मिलेगी।  500 rs ke purane note se jalene bulb

( प्रवीण कुमार )