आजादी का 72 वां साल – क्या मिला क्या थोपा गया




अगस्त का महीना सुरु हो रहा है यह महीना हमे स्वतन्त्रता और साथ ही इसे पाने के लिए दिए गए क़ुरबानी को याद दिलाता है। आजादी किसे नहीं पसंद होगी चाहे पिंजरे में बंद पक्छी हो या खुटे से बंधे पसु हर जीव जंतु आजादी चाहता है क्यों की आजादी हम सब का जन्मसिद्ध अधिकार है ।परन्तु इस आजादी को पाने के लिए हमारे पूर्वजों ने जो कुर्बानिया दी क्या हम उसे भुला रहे है और नकली चादुकार स्वतन्त्रता के नाम पर ढोंग रचाने वालो का गुणगान कर रहे है । 72 years Independence day

जी हां पिछले कुछ वर्षो से देश में यही बहस चल रही है । वर्तमान में देश में दो राजनैतिक धारा सामने है, एक कांग्रेस तो दूसरा बीजेपी । वैसे पार्टिया बहुत सारी है परन्तु विचार धारा दो ही है, हां विचार धारा और थी लेफ्ट कम्युनिस्ट का लेकिन अब उनका कोई जनाधार नहीं है बस चल रहा है और अपने आप को विलुप्त होने से बचाने के लिए कांग्रेस से ही जा मिले है तो साफ़ है की उन्होंने भी एक तरह से कांग्रेस को अपना लिया है । 72 years Independence day

कांग्रेस दसको से आरोप लगाती रही है की बीजेपी का मदर संख्या आरएसएस ने देश की आजादी के लिए योगदान नहीं दिया उल्टा वे अंग्रेजों से मिले हुए थे और बीजेपी ने हाल ही में साफ़ कहा की कांग्रेस अपने एक भी ऐसे नेताओ का नाम बताये जिसे अंग्रेजों ने फ़ासी दी हो या अंग्रेजो ने काला पानी की सजा दी हो या डंडे मारे हो अगर हो भी तो कांग्रेस अब तक कोई नाम नहीं बता पाई है, क्या कारन है क्या वाकई में कांग्रेस के लोगो को फांसी नहीं होती थी या उन पर जुल्म नहीं होते थे वे दिखावे के लिए जेल जाते थे और वहा बैठ कर आराम से नॉवेल लिखते थे और जो लोग वाकई में आजादी के लिए लरते थे उनसे या तो कांग्रेस अपने को अलग मानती थी या उन्हें कांग्रेस से निकाल दिया जाता था । 72 years Independence day

उदहारण के लिए कांग्रेस ने कभी नहीं माना की भगत सिंह कांग्रेसी थे यही कारन है की पिछले दिनों पंजाब सरकार से एक RTI कार्यकर्ता ने जब भगत सिंह के बारे में पूछा की क्या भगत सिंह सहीद हुए थे, तो पंजाब के कांग्रेस सरकार ने जवाब में  कहा की भगत सिंह पर देश में कई सारे आपराधिक मुक़दमा चल रहे थे  और सरकार के पास उन्हें शाहिद का मानद उपाधि देने का कोई वयवस्था नहीं है ।

इसके अलावा सुभाष चंद्र बोस  ने जब कांग्रेस का लोकतान्त्रिक तरीके से चुनाव जीता तो कांग्रेस के नायक गाँधी जी ने कहा था की आज मै बहुत दुखी हु क्योंकी पंडित जवाहर लाल नेहरू हार गए और सुभाष चंद्र बोस के हाथ में कांग्रेस चली गयी जो सही संकेत नहीं है ।
गाँधी जी के इस वर्ताव से सुबाष चंद्र बोस काफी आहत हुए और उन्होंने कांग्रेस अध्यक्छ पद से इस्तीफा दे दिया और आजाद हिन्द फ़ौज का गठन कर अंग्रेजो को दांतो चने चबाने पर मजबूर कर दिया । 72 years Independence day

नितीश कुमार गद्दार है : ओवैसी

दामोदर वीर सावरकर को काला पानी की सजा हुई और उन्हें 5/5 के कमरे में कैद कर इतनी यातनाए दी गयी जिसका कोई हद नहीं । परन्तु कभी भी कांग्रेसी नेताओ ने उनके बारे में एक शब्द भी नहीं बोला।इस मामले में हम से अच्छा तो पाकिस्तान है जिसने शहीद भगत सिंह के मुकदमें को दुबारा से ओपन कर उनपर लगे सारे आरोपों से उन्हें बरी किया गया और शाहिद का दर्जा दिया परन्तु 60 साल तक देश पर राज करने वाली कांग्रेस सरकार ने अब तक आजादी के उन वीरों पर से अपराधिक मुकदमे वापस लेने या बरी करने के लिए कोई कदम नहीं उठाई जबकी आज अगर सत्ता के गलियारों में देखे तो नेहरू खानदान के अलावा कुछ नहीं दिखाई देता यहाँ तक की गाँधी जी के परिवार को भी दरकिनार कर दिया गया और हमारे देश में आज भी लोग खुद को सम्पूर्ण आजाद नहीं मानते है जिसका परिणाम JNU में आजादी के नारे लगते है, कोलकत्ता में आजादी के नारे लगते है और जम्मू कश्मीर की बात ही छोड़ दीजिये । वहा की बात तो किसी से छुपी नहीं है, आज भी हम आरक्छन के लिए लड़ रहे है यानि की सामाजिक समानता की आजादी अब तक नहीं मिली है । सामाजिक कार्यकर्ता कहते है की पहले हम गोरों के गुलाम थें और अब देशी अंग्रेज जाते वक्त हमपर शासन करने के लिए कांग्रेस बना कर थोपा आज भी हम उसी के गुलाम है अब देश हित की बात करने वाली वर्तमान सरकार अगर वाकई में राष्ट्र भक्त है तो वे उन तमाम सहीदो को आरोप मुक्त करे और उन्हें दस्तावेजों में शहीद का दर्जा दे यही हमारे लिए आजादी के प्रति उन शहीदो को सच्ची श्रंद्धांजलि होगी 72 years Independence day

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