अमरनाथ यात्रा की कथा एवं इतिहास




अमरनाथ यात्रा को हिन्दू धर्म में सबसे बड़ा और सबसे अधिक महत्वपूर्ण यात्रा माना जाता है। बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए देश भर से लोग कश्मीर पहुंचते है। इस वर्ष अमरनाथ यात्रा 2 जुलाई से प्रारम्भ होगी, जोकि 18 अगस्त तक चलेगी। Amarnath Yatra Devotional History hindi

वेदों, पुराणों एवम शास्त्रों के अनुसार जब भगवान विष्णु शयन लोक में चले जाते है और चार माह पश्चात देव उठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु जागृत अवस्था में अाते है। इन चार महीनों में भगवान महादेव की पूजा की जाती है। अतः सावन महीना शिव जी को समर्पित है। इसी माह में भगवान महादेव पवित्र स्थल अमरनाथ में बर्फ रूप में अवतरित होते है। Amarnath Yatra Devotional History hindi

महेश नवमी की कथा एवम इतिहास

सत्यम शिवम सुन्दरम शिव ही सत्य है। शिव का अर्थ हैं कल्याणकारी। भगवान शिव आदि अनादि में समाहित रहते है। शिव जिनके दर्शन मात्र से ही समस्त पाप ,सन्ताप , दुख , दरिद्र भस्म हो जाते हैं और महापुण्य, दीर्धायु के साथ सभी मनोकामनायें पूर्ण होती है। बर्फानी शिवलिंग के दर्शन से महापुण्य की प्राप्ति होती है और जो मनुश्य उनका पूजन करता है वह महायज्ञ के समान माना जाता है।

भगवान विष्णु शयन लोक में चले जाते है Amarnath Yatra Devotional History hindi

अमरनाथ यात्रा का शुभारम्भ तवी नदी के किनारे बसे जम्मू तवी शहर से होता है। कहा जाता है कि सन 1835 में महाराजा गुलाब सिंह ने रधुनाथ मंदिर का निर्माण शुरू करवाया था, परन्तु किसी कारणवश कार्य पूरा नहीं हो सका । फिर राजा रणबीर सिंह ने रघुनाथ मंदिर का निर्माण करवाया। इस भव्य मंदिर की कलाकृति अपने में अनुठा उदाहरण पेश  करती है, यहॉ का वातावरण मानो आपको अमृत पान करवा रही है। Amarnath Yatra Devotional History hindi

सन 1820 में जम्मुलोचन किले के अंदर बनी काली मंदिर आस्था श्रदा भाव के मद्वेनजर काफी प्रभावशाली  है। मां के दर्शन आरती घंटी षंख आदि को सुन मन तृप्त हो जाता है। अमरनाथ यात्रा का रजिस्ट्रेशन भी यहीं से होता है। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद यात्रि आगे कि ओर बढ़ जाते हैं। Amarnath Yatra Devotional History hindi

सड़क के दोनो ओर चीड़ के पेड, उॅंचें उॅंचे पर्वत श्रृंखलाओं से हाते हुए हम उधमपुर पहुॅंचते हैं। यहॉ के सुन्द्र्रानी  मंदिर में विशाल  चटृानों पर निर्मित शिवलिंग, यहॉ की सुंदरता मे चार चॉद लगा देता है।अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythology.org