जानिए अमेरिका के पेरिस जलवायु समझौता से हटने पर भारत को कितना होगा नुकसान




अमेरिका पेरिस जलवायु समझौते से अपने आपको अलग कर लिया है। जिसकी आलोचना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने भी किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पेरिस जलवायु समझौते से अपने आपको अलग करने की घोषणा की है। दरअसल डोनाल्ड ट्रंप ने पहले अपने चुनावी घोषणा में यह कह चुके हैं कि इस तरह की कोई भी समझौते नहीं करेंगे। america quit climate change 

भारत जैसे देश को हो रहा है।

इसी कारण से यह कदम उठाया है। गौरतलब है इस समझौते से भारत जैसे देश को लाभ होगा। भारत को इस समझौते के तहत काफी लाभ होने वाला था जिसमें लाखों के विदेशी मदद हो जाएगा। ट्रंप ने कहा है कि भारत पेरिस समझौते के तहत विकसित देशों से अरबों अरब रुपए की विदेशी सहायता पा रहा है। पेरिस समझौते के नियम अमेरिका के लिए बहुत अन्यायी है। गौरतलब है कि पेरिस समझौता 2015 में हुआ था । america quit climate change 

डोनाल्ड ट्रंप जिस प्रकार से नीतियां अपना रही है

इसमें 195 देशों ने हस्ताक्षर किए थे। अब ऐसा माना जा रहा है कि अमेरिका के इस डील से पीछे हटने पर पेरिस समझौते को लेकर हो रही कोशिशों को झटका लगने की संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है इस तरह की समझौते से अमेरिकी इकोनोमी को अरबों रुपए का नुकसान हुआ है। इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश तक करार दे दिया है। डोनाल्ड ट्रेंप ने जिस प्रकार से अपनी नीतियों की घोषणा कर रही है। america quit climate change 

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इससे कई नीति के कारण कई देशों के साथ अहम विदेश नीति का बिखराव होगा। इसके अलावा इसे ओबामा प्रशासन के जलवायु परिवर्तन के प्रयासों को भी इससे धक्का लगेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने जिस प्रकार से नीतियां अपना रही है इससे विकासशील देशों को काफी नुकसान होने वाला है। जिसमें वीजा 1 बी जैसी नीतियों को कड़ा किया है। इससे भारत के लिए काफी सख्ती हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप लगातार ऐसी नीतियां अपना रही है जिससे केवल अमेरिकी फर्स्ट ही है। जिसका नुकसान भारत जैसे देश को हो रहा है। america quit climate change