मोदी सरकार देश को ‘हिंदू बम’ बनाने की फ़िराक में है : अरुंधति राय




अरुंधति राय ने साफ कर दिया की जिस तरह से कोई भी कार्य भाजपा और आरएसएस देशभक्ति का भद्दा जश्न मनाती है जिसमें आज हस्तक्षेप की जरूरत है क्योंकी चीजें एकदम बदल रही हैं। प्रसिद्ध लेखिका अरुंधति राय अपने बेवाकी लेखन से लोकप्रिय हुई है। आए दिन अपनी बेवाकी लेखन से विवादित भी रही हैं। अभी जम्मू कश्मीर में जीप के आगे युवक को बांधे जाने पर उनके बयान से काफी विवाद हुआ। aru गरीब लोगों को आंतकवादी तक कहा जाता हैndhati roy upcoming novel 

गरीब लोगों को आंतकवादी कहा जाता है

अरुंधति राय के समर्थन में लेखिका शोभा डे भी आगे आईं। अरुंधति राय ने कहा है कि जब भी वे लिखी है समय से बहुत आगे की चीज होती है। उन्होंने कहा कि आज से बीस साल पहले भारत कुछ और था। तेजी से वक्त बदला है। और मैं उस समय ही सेप ले रही थी। जब उस समय मैं लिख रही थी तो यह समझाने की कोशिश में थी। arundhati roy upcoming novel 

जब मैं परमाणु परीक्षण और ब़ड़े बांध पर बोल रही थी तो लोगों को यह समझ में नहीं आ रहा था उस समय द एंड ऑप इनैजिनेशन लिखी थी जो परमाणु परीक्षण को लेकर था। उस समय भी देशभक्ति और हिंदू बम का भद्दा जश्न मनाया जा रहा था, वैसे ही पाकिस्तान में मुस्लिम बम कहा जा रहा था। जैसे आज भाजपा जैसे दल देशभक्ति और हिंदू बम का भद्दा जश्न मनाते हैं। arundhati roy upcoming novel 

सेना के दवाब में रहने का क्या अर्थ होता है

निश्चिततौर पर उस समय जब परमाणु परीक्षण हुआ था और जश्न मनाया जा रहा था तेजी से माहौल बदला जा रहा था और आज भी तेजी से चीजें बदल रही थी। इसलिए हस्तक्षेप जरूरी है। अरुंधति राय ने साफ कर दिया की जिस तरह से कोई भी कार्य भाजपा और आरएसएस देशभक्ति का भद्दा जश्न मनाती है। arundhati roy upcoming novel 

एक बार मुझे पार्टी का अध्यक्ष बनने दो फिर सबकी बोलती बंद कर दूंगा : राहुल गाँधी

जिसमें आज हस्तक्षेप की जरूरत है क्योंकि चीजें एकदम बदल रही हैं। अरुंधति राय ने कहा है कि भारत के मध्य हिस्सों में गरीब लोगों को आंतकवादी तक कहा जाता है यह कहां तक उचित है। वैसे ही कश्मीर में बीस साल तक सेना के दवाब में रहने का क्या अर्थ होता है यह कोई कश्मीरियों से पूछे। arundhati roy upcoming novel