रक्षक बना भक्षक तो ज़िंदगी कैसे नसीब होगी ?




अभी उत्तर पूर्व राज्य विकास के राष्ट्र धारा से जुड़ नहीं पाया है। कई ऐसे जगह है कि जहां अभी भी विकास की कील भी नहीं पहुंच पाई है जिससे दुर्घटनाएं आम हो गई हैं। मामला असम मुख्यमंत्री के विधानसभा का हो तो ऐसे ही खबर बन जाती है। इस मामले को लेकर सरकार की काफी आलोचना हो रही है। असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल के विधानसभा क्षेत्र मजुली में साइकिल से शव ले जाने का मामला सामने आया उसके बाद उसकी जांच की जा रही है क्या वह प्रशासन से एंबुलेंस मांगा या खुद मर्जी से ऐसा किया। asam dead body carry story 

परिवार वालों ने एबुंलेंस की मांग की

इसकी जांच के लिए टीम बनाई गई लेकिन टीम के साथ भी जो हुआ उसकी भी जांच होने लगी है। मृतक के घर जाने के लिए अस्थायी पुल बना हुआ है जिसको पार करते समय जांच दल के सदस्य पुल पार करते वक्त बह गए। दरअसल वह पुल ही टूट गया। जिसमें कई सदस्य नदी की धारा में गिर गए। asam dead body carry story 

गौरतलब है कि मृतक डिंपल दास की मृत्यु श्वांस संबंधी बीमारी के बाद हुई उसके बाद उसके बड़े भाई ने शव को साइकिल में बांधकर गांव तक ले गए जिसकी तस्वीर सामने आ गई। हंगामे के बाद सरकार ने जांच के आदेश दिए। अब जांच दो पहलुओं पर की जा रही है क्या मृतक के परिवार वालों ने एबुंलेंस की मांग की। और अस्पताल परिसर में क्या किसी स्टॉफ ने साइकिल में शव बांधते देखा था। asam dead body carry story 

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सारे पहलुओं की जांच के लिए टीम बनाई गई थी जो गांव जाते वक्त अस्थायी पुल के चपेटे में आ गई। जिससे सरकार की ओर कीरकीरी हुई। गौरतलब है कि पिछले साल ऐसे ही मामले कानपुर और कालाहांडी में हुआ था। जब सिस्टम को लेकर काफी हो हल्ला हुआ था। लेकिन पूरे देश में कमोबेश एक ही दशा है जिसको सुधारने की आवश्यकता है। asam dead body carry story