पत्थरबाज़ो को जहन्नुम पहुचायेगा ‘बदबूदार बम’




इस्लाम में कहा गया है की जहन्नुम में बदबू होती है,भारतीय सेना ने एक ‘बदबूदार बम’ का निर्माण किया है। जिसका प्रयोग अब घाटी में अवरोध फैलाने वाले पत्थरबाज़ो पर रोक लगांने के लिए किया जा सकता है, उन्हें इस बम की बदबू से रोककर घाटी में बढ़ते आक्रोश को रोका जायेगा । badbudaar bomb

जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों पर लगाम लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने नए कारगर उपाय निकाल लिए हैं जिससे उनपर बिना किसी क्षति के नकेल भी कसी जाएगी।इत्र के लिए कन्नौज काफी लोकप्रिय है। कन्नौज स्थित फ्रैग्नैंस एंड दुर्गंध डेवलपमेंट सेंटर के वैज्ञानिकों ने एक नया दुर्गंध युक्त कैप्सूल विकसित किया है। जिससे जम्मू कश्मीर में पत्थरबाजों पर लगाम लगाया जा सकता है। badbudaar bomb




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एफएफडीसी के प्राचार्य शक्ति विनय शुक्ला ने कहा कि इस कैप्सूल को टीयर गन्स से फायर किए जाएंगें जिससे धुआं उठेगा, जिसकी गंध को बर्दाश्त करना संभव नहीं होगा। जिससे सेना अब पत्थरबाजों पर नियंत्रण कर सकता है। गौरतलब है कि पैलेट गन का उपयोग पर बार बार सरकार घेरे में आ रही थी। जिससे युवाओं के आंखों को काफी नुकसान पहुंचा,उच्चतम न्यायालय ने पैलेट गन के विकल्प तलाशने को कहा है। हालांकि पुलिस बार बार यह कह रही थी कि यह घातक हथियार नहीं है, लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि पैलेट गन से घायल हमेशा के लिए अपंग हो जाते हैं। badbudaar bomb

badbudaar bomb पैलेट गन से 52 लोगों ने आंखें गंवाई।

2010 से जुलाई 2016 तक पैलेट गन से 52 लोगों ने आंखें गंवाई। और 1500 लोग इस अवधि में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। विकसित की गई दुर्गंध फैलाने वाले केमिकल को एक छोटे कैप्सूल में रखा जाएगा। इन कैप्सूल को टीयर गन्स के जरिए फायर किया परीक्षण सफल होने के बाद सेना इसका उपयोग कर सकती है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह की पहल पर रक्षा मंत्रालय ने इसके परीक्षण को मंजूरी दी है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और रक्षा मंत्रालय की आवश्यक मंजूरी और स्वीकृति के बाद इसे सेना को सौंपा जाएगा। खास बात यह है कि इस कैप्सूल की गंध ही असहनीय है। हालांकि व्यक्ति के स्वास्थ्य पर इसका कोई असर नहीं होता है। निश्चिततौर पर अगर इस दुर्गंध युक्त कैप्सूल की मंजूरी मिल जाती है तो सेना को पत्थरबाजों के विरुद्ध एक घातक हथियार मिल जाएगा जिससे उनपर नियंत्रण किया जा सकता है विदित हो कि पिछले साल केंद्र सरकार ने भीड़ से निपटने के लिए मिर्च पाउडर भरे ग्रेनेड के इस्तेमाल की भी मंजूरी दी थी।

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