भोजपुरीके संवैधानिक मान्यता खातिर जन आंदोलन जरुरी-लाल बिहारी लाल





भोजपुरी जन जागरण अभियान के तात्वावधान में भोजपुरी भाषा को संविधन के आठवींअनुसूची में शामिल करने हेतु एक दिवसीय धरना प्रदर्शन का आयोजन जंतर मंतर पर कियाजा रहा है जिसमें देश के विभिन्न क्षेत्रों से भोजपुरी सेवी इक्कठा होगे औऱ अपनी –अपनीबात रखेगे।भोजपुरी मान्यता आंदोलन के तत्वावधान में 25 करोड़ भोजपुरी भाषियों की लड़ाई पिछले कईवर्षो से लड़ी जा रही है और यह संघर्ष आगे भी तब तक जारी रहेगा जब तक कि इसेसंवैधानिक मान्यता नहीं मिल जाती है। Bhojpuri requires mass movement constitutional recognition

पिछले दिनों मनोज तिवारी,रवि शंकर प्रसाद,डा.संजय जयसवाल, मीरा कुमार,ओम प्रकाश यादव, प्रभूनाथ सिंह सहित कई सांसदो ने वादाकिया था की हम इसके लिए प्रयास करेंगे पर आज वो भी खामोश हो गये है। इस संदर्भ मेंगृहमंत्री एवं प्रधान मंत्री को भी कई दफा ज्ञापन सौपा जा चुका है। इस पर आश्वासनतो मिलता है पर कोई उचित कार्यवाही नहीं हो पा रही है।भोजपुरी प्रेमी केन्द्र सरकार के टालमटोल रवैये से नराज हैं। Bhojpuri requires mass movement constitutional recognition




भोजपुरीके प्रसिद्द लेखक एवं लाल कला मंच,नई दिल्ली के सचिव लाल बिहारी लाल का कहना है किइसे जन आदोलन का रुप देना होगा तभी सरकार बाध्य होगी।इसके लिए हम सब को एक साथमिलकर भागिरथ प्रयास करना होगा तभी इस भाषा का उद्दार हो पायेगी। भोजपुरी भाषी राज्य सरकारों को भी इसके लिए आगेआना होगा तभी केन्द्र सरकार पर दबाव बढ़ेगा और इसे मान्यता मिल सकेगी। Bhojpuri requires mass movement constitutional recognition

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आशा है इसधरना के बाद सरकार की नींद खुलेगी औऱ इस ओर शीघ्र ध्यान देगी। लाल बिहारी लाल काये भी कहना है कि इसे संवैधानिक मान्यता मिलने से रोजगार के अवसर बढ़ेगे। औऱ भाषाके प्रचार प्रसार में सरकार भी अपना योगदान दे सकेगी। इस तरह भोजपुरी का चहुमुखीविकास हो सकेगा।

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