लालू मामले में ख़ामोश क्यों है नितीश?





लालू के परिवार पर सीबीआई ने छापे मारे हैं लेकिन नीतीश कुमार के चुप्पी एक साथ कई संदेश दे रही है। जिससे राजद अब अपनी रणनीति बनाने में लगी है।राजद सुप्रीमो व बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद के परिवार पर सीबीआई ने छापे मारे तो कांग्रेस खुलकर उनके साथ आ गया यहां तक कि बयान भी दिए जिससे लालू प्रसाद ने थोड़ी राहत महसूस तो किया लेकिन बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अभी तक कोई बयान नहीं दिया। और सीबीआई छापे पर एक बार भी कुछ नहीं कहा। और अपने गृह राज्य में पर्यटन स्थल राजगीर में पर्यटन में व्यस्त है। इससे तो ऐसा ही माना जाता है कि सीबीआई की इस कार्रवाई पर केंद्र सरकार को नीतीश कुमार की सहमति हैं। हालांकि उन्होंने कोई बयान नहीं दिया। CBI raid Nitish till silent




 

cbi-raid-nitish-till-silent नीतीश की चुप्पी:

नीतीश कुमार ऐसे मसले पर गोल गोल जवाब देकर बचते रहे हैं। नीतीश कुमार ने जिस प्रकार से राष्ट्रपति चुनाव के बहाने राजग और कांग्रेस पर निशाने साधे वहीं भाजपा के और करीब भी आ गए हैं। इसके पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कई बार कामों की प्रशंसा कर करते रहे हैं। अब जब लालू प्रसाद को समर्थन की जरूरत है तो नीतीश चुप्पी साधकर राजगीर की सैर कर रहे हैं। यहां तक कि कांग्रेस के राष्ट्रपति के प्रत्याशी मीरा कुमार से भी उन्होंने नहीं मिला। और कोई न कोई बहाने लगाकर पटना से दूर हो गए। गौरतलब है कि बिहार में महागठबंधन की सरकार है जिसमें राजद, जदयू और कांग्रेस है। बिहार के शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ चुपके से राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद के साथ बैठक भी की और उसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष पर निशाने साधे हैं। CBI raid Nitish till silent

लालू की गीदड़ भभकी से कितना डरते है नीतीश?

नरेंद्र मोदी को तो उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात में दंगे करवाकर हजारों हत्याएं करवाकर प्रधानमंत्री की कुर्सी हासिल की है वहीं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह तड़ीपार थे। ऐसे नेता सीबीआई के जरिए धर्मनिरपेक्ष ताकतों को भयभीत कर रहे हैं। महागठबंधन में शामिल कांग्रेस खुलकर राजद के साथ है वहीं जदयू की ओर से कोई प्रवक्ता भी इस मसले पर कुछ नहीं बोल रहा है इससे तो यही कहा जा रहा है कि महागठबंधन के अब गिने चुने बचे हैं।

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