नपुंशक( gay) है अमेरिका : चीन




दक्षिण चीन सागर के मामले में संयुक्त राष्ट्र समर्थित ट्राइब्यूनल का जो आदेश आया है उससे चीन पागल हो गया है। ज्ञात हो इस मामले में फिलीपींस के पक्ष में फैसला आया है। जिसमे दक्षिण सागर में चीन को अपनी दादागिरी बंद करने को कहा गया है। चीन जिस दलील के बल से अपना दावा उस क्षेत्र पर करता है उसे ट्राइब्यूनल ने शिरे से ख़ारिज कर दिया। china called america gay 

दरअसल यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से बहुत ही सम्पन्न क्षेत्र माना जाता रहा है। यहां वियतनाम भी अपना दावा पेश करता है। इतना ही नहीं वियतनाम ने अपने साथ भारत को भी जोड़ लिया है। ऐसे समय में जब चीन अपनी ताकत से लवरेज है तो वो वही करेगा जो की वह कर रहा है। china called america gay 

चीन को सबक सिखाना है

दक्षिण सागर मामले में चीन अमेरिका और जापान के साथ गाली -गलौज पर उतर आया है। चीन अमेरिका और जापान को कागजी शेर के साथ साथ नपुंशक तक कह डाला। इतने पर ही चीन चुप नहीं हो गया। उसने यहां तक कह डाला की अगर दक्षिण सागर के आस -पास इन दोनों ने सैनिक अभ्यास किया तो गम्भीर परिणाम होगा। china called america gay 

अमेरिका जिस कुर्सी पर बैठा है वो चीन का है china called america gay 

चीन ने कहा कि दोनों देशों ने हमे भारत और बांग्लादेश का पाठ बहुत पढ़ा लिया। अब ये अपनी दी हुई डिग्री को लागू करने की अगर सोचते हैं तो इन्हें चीनी हमलों के लिए तैयार रहना होगा। china called america gay 

दरअसल ये चीन की सरकारी अखवार ग्लोबल टाइम्स के सम्पादकीय में की गई टिप्पणी है। द हेग में मध्यस्ता के मामले अमेरिका ने चीन की कड़ी आलोचना की। अमेरकी सीनेटरों ने चीन पर नियमित निगरानी की मांग की। china called america gay 

गुस्से में चीन अनाप सनाप जिस तरह से बोल रहा है उसका नतीजा एक मात्र युद्ध दिखाई दे रहा है। अगर चीन इसी तरह अकड़ता रहा तो दक्षिण एशिया में महायुद्ध की सम्भावना निश्चित है। क्योंकि चीन को अब ये लग रहा है की अमेरिका जिस कुर्सी पर बैठा है वो चीन का है। china called america gay 
( हरि शंकर तिवारी )