CPEC को लेकर चीन और पाक पीएम मोदी की शरण




CPEC अर्थात चीन पाकिस्तान इकनोमिक कॉरिडोर को लेकर चीन और पाकिस्तान भारत की भागीदारी को लेकर काफी उत्साहित है किन्तु भारत की तरह से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। china suggest india participate cpec

चीन और पाक इस जदोजहज में है किसी तरह भारत की भागीदारी CPEC में हो क्योंकि यदि भारत इस परियोजना में शामिल नहीं होता है तो चीन और पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ सकती है। china suggest india should participate cpec

पीएम मोदी ने जिस तरह से एशिया में अपनी छाप छोड़ी है उससे चीन और पाकिस्तान हैरान, परेशान और दबाब में भी है। पीएम मोदी ने ईरान, अफगानिस्तान, सऊदी अरब सहित एशिया के अन्य देशों से आपसी रिश्ते को एक नया आयाम दिया है जिससे चीन और पाकिस्तान का विदेश व्यापर नीति पर व्यापक असर पड़ा है। china suggest india participate cpec

भारत को दुश्मनी भुलाकर CPEC में शामिल होना चाहिए।

हालांकि, भारत को इस परियोजना से कोई विशेष लाभ नहीं होना है लेकिन चीन और पाकिस्तान भारत को महज ईरान और अफगानिस्तान की भागीदारी के लिए मना रहा है ताकि ईरान और अफगानिस्तान इस परियोजना में पूरी तरह से शामिल हो। china suggest india participate cpec

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आपको बता दें कि पाक ने पूर्व में ही भारत को इस परियोजना में शामिल होने के लिए न्यौता दे चूका है। वही चीन ने भी पाक के इस न्यौता का स्वागत करते हुए भारत से अनुरोध किया है कि चीन पाकिस्तान इकनोमिक कॉरिडोर में भारत की भागीदारी बहुत जरुरी है। china suggest india participate cpec

चीनी मीडिया के प्रमुख ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि भारत को दुश्मनी भुलाकर चीन पाकिस्तान इकनोमिक कॉरिडोर में शामिल होना चाहिए। इस आर्टिकल में आगे लिखा है कि यदि भारत इस परियोजना में शामिल नहीं होता है पाक में विरोध का स्वर फिर से उठने लगेगा। ऐसे में इस परियोजना में भारत की भागीदारी अहम है। china suggest india participate cpec

पाक को डर है कि भारत चीन पाकिस्तान इकनोमिक कॉरिडोर पर नजर रख रही है जो इस डेवलपमेंट का बड़ा चैलेंज है। ऐसे में पाक और चीन पीएम मोदी के शरण में है। भारत इस परियोजना में इसलिए शामिल नहीं होना चाहता है क्योंकि चीन और पाक बलूच में अपने प्रभाव को बढ़ाना चाहता है जबकि भारत ने बलूच की आजादी का मुद्दा उठाकर चीन और पाक को पिछले पांव पर लेकर खड़ा कर दिया है। चीन बलूच में 600करोड़ का इन्वेस्ट कर चूका है। ऐसे में चीन और पाक भारत को मनाने में जुटे है। china suggest india participate cpec
( प्रवीण कुमार )