NSG सदस्यता के लिए मोदी को जी हजूरी करना होगा : चीन





भारत की NSG सदस्यता के लिए चीन ने नया पैतरा फेका है ओबामा प्रशासन ने भारत की एनएसजी प्रवेश में चीन को ‘अवरोधक’ बताया था। जिसके जबाब में चीन ने अमेरिका पर पलटवार किया है। चीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को दो टूक जबाब देते हुये कहा कि अमेरिका ओबामा प्रशासन की विदाई पर किसी देश को विदाई गिफ्ट के रूप में NSG की सदस्यता नहीं दे शता है। इसके लिए भारत जैसे देश को NSG के मापदंडों पर खड़े उतरना होगा। china will oppose india nsg membership

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता हुआ चनयिंग ने कहा कि भारत की NSG सदस्यता में प्रवेश के नियम की बात विश्व पटल पर रख दी है। यदि भारत एनपीटी समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार है तो चीन भारत की NSG सदस्यता का समर्थन करेगा। जंहा तक बात है अमेरिका की तो केवल अमेरिका के चाहने से भारत को NSG सदस्यता नहीं मिल सकती है। china will oppose india nsg membership

20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के नये राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालेंगे।

ओबामा प्रशासन पर हमला करते हुए चनयिंग ने कहा कि मैं अमेरिका को बताना चाहूंगा कि NSG सदस्यता कोई विदाई गिफ्ट नहीं है, जिसे अमेरिका भारत को गिफ्ट कर दें। भारत को NSG सदस्यता में प्रवेश से पहले एनपीटी समझौते पर हस्ताक्षर करना होगा। china will oppose india nsg membership

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आपको बता दें कि 20 जनवरी को डोनाल्ड ट्रम्प अमेरिका के नये राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभालेंगे। बराक ओबामा ने 10 वर्ष तक अमेरिका का प्रतिनिधत्व किया। अमेरिका की सहायक विदेश मंत्री निशा देसाई बिस्वाल ने भारत की एनएसजी प्रवेश में चीन को ‘अवरोधक’ बताया था। इससे पूर्व भी ओबामा सरकार ने भारत की NSG सदस्यता के लिए पुरजोर कोशिश की थी लेकिन चीन के अड़ंगों के कारण भारत को NSG सदस्यता नहीं मिली थी। china will oppose india nsg membership

चीन कई अवसर पर भारत के आंतरिक मुद्दे पर दखल देकर विश्व पटल पर अपनी छवि को दर्शा चूका है। चीन ने भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर पर बैन लगाने की अपील का भी विरोध किया था। चीन के विरोध के कारण आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सरगना मसूद अजहर पर बैन नहीं लगाया गया। china will oppose india nsg membership