हरीश रावत के यहां मौत की वर्षा




उत्तराखंड में अति बृष्टि के कारण एक बार फिर भयंकर आफत आ गई है। बादल फटने से चमोली एवं पिथौड़ागढ़ में कम से कम तीस लोगों की जान चली गई है। नदियों में आये उफान से ऋषिकेश -बदरीनाथ या एन एच 58 कई जगह से टूट गया है। cloudburst uttarakhand disaster

यूपी में आजम खान की दादागिरी इंजिनियर को जड़ा थप्पड़

चारों तरफ मलवा ही मलवा फैला हुआ है। जाम के कारण यात्रिओं को बहुत अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बीते चौबीस घंटों में 54मिलिमिटर वर्ष रिकार्ड किया गया है। आने वाले बहत्तर घंटे में उधमसिंह नगर ,मनुस्यारी ,पिथौड़ागढ़ ,नैनी ताल ,चम्पावत में भारी बर्षा होने की पूर्ण सम्भावना है। cloudburst uttarakhand disaster

तीस लोगों की जान चली गई है  cloudburst uttarakhand disaster

भूस्खलन उत्तरकाशी जिले में भड़ी मात्रा में हुआ है। इसके कारण गंगोत्री मार्ग अवरुद्द हो गया है। इधर यमुनोत्री मार्ग भी पूरी तरह से बंद है। ऐसी स्थित्ति से निपटने में कांग्रेस की हरीश रावत सरकार पूर्णतया असफल दिखाई दे रही है। एक बार फिर वर्षा के रूप में उत्तराखंड में मौत बरस रही है।cloudburst uttarakhand disaster

लोग रात के लिए टकटकी लगाए हुए हैं। मौसम का बहाना करके राज्य सरकार कान में तेल डालकर सोया हौआ है। यात्री और निवासी त्राहि त्राहि कर रहे हैं। अगर सहायता सही समय पर यात्रियों के पास नहीं पहुंचा तो भयंकर स्तिथि उत्तपन्न हो सकती है।  cloudburst uttarakhand disaster

केदार घाटी खतरे के दौर से गुजर रही है cloudburst uttarakhand disaster 

खास करके इस बार फिर केदार घाटी खतरे के दौर से गुजर रही है। ऎसी परिस्तिथि में जितनी जल्दी हो सके खास करके यात्रिओं के राहत कर्मी जितनी जल्दी हो सके पहुंचनी चाहिए। क्योंकि आने वाले समय में मौसम के और बिगडने की सम्भवना वैज्ञानिकों ने बताई है। अगर आसमान से मौत इसी तरह बरसती रही और बादल फटते रहे, तो उत्तराखंड के पहाड़ों में कितने और किसके खण्ड होंगे कहना मुश्किल। cloudburst uttarakhand disaster