बुरहान वाणी हम शर्मिंदा है तुम्हारे कातिल अभी भी ज़िंदा है: कांग्रेस





जम्मू कश्मीर के कांग्रेसी नेता ने ऐसे बयान दिए हैं जिसको लेकर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेसी नेता आतंकवादियों के प्रति सहानुभूति रखते हुए अपने बयान दिए हैं।जम्मू कश्मीर के कांग्रेसी नेता सैफुद्दीन सोज ने हिज्जबुल कमांडर बुरहान वानी की बरसी से पहले ऐसे बयान दिए हैं जिसको लेकर उनकी आलोचना हो रही है। सैफुद्दीन सोज ने कहा है कि अगर वह सत्ता में होते तो बुरहान वानी को जिंदा रखते। वे यहीं नहीं रूके हैं बल्कि आगे कहा है कि अगर हिज्जबुल आतंकी बुरबहान वानी जिंदा होता तो वह उससे बात भी करते। साफ है सैफुद्दीन किसी न किसी प्रकार से जम्मू कश्मीर में अलगावादियों के प्रति सहानुभूति दर्शाया है ताकि उसपर राजनीति किया जा सके। गौरतलब है कि बुरहान वानी की बरसी 08 जुलाई को है इसी दिन पिछले साल अनंतनाग में सेना की कड़ी मुठभेड़ में वानी मारा गया था। जिसने सोशल मीडिया पर अपने वीडियों जारी किए थे और कई संदेश जारी किए थे जिसमें यह भी कहा था कि अमरनाथ यात्रियों को नहीं मारा जाएगा। congress ka aatankbadiyo ka support





बुरहान वानी के मारे जाने के बाद लगातार कश्मीर में स्थिति बिगड़ी हुई है। और लगातार सेना वहां कार्रवाई कर रही है। 08 जुलाई को वानी की बरसी पर प्रदर्शन का कार्यक्रम है जिसमें हिंसा भड़कने की आशंका है जिसको लेकर सेना सतर्क है। यहां तक की वानी को पोस्टर बॉय के रूप में दर्शाया गया है यहां तक कि लंदन में भी ऐसे ही कार्यक्रम थे जो भारत के प्रयास से उसे रद्द करवाया गया। कांग्रेसी नेता सैफुद्दीन सोज ने बुरहान वानी के बारे में कहा है कि अगर मैं पावर में होता तो बुरहान वानी को मरने नहीं देता। मैं उनसे संवाद स्थापित करना चाहता था। मैं उन्हें समझाने की कोशिश करता कि पाकिस्तान, कश्मीर और भारत के बीच दोस्ती का पुल बनाया जा सकता है। और इस काम में वह मददगार साबित हो सकते हैं। लेकिन वह मर चुके हैं हमें कश्मीरियों का दर्द समझने की जरुरत है। सैफुद्दीन सोज के इस बयान पर उपमुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि जो लोग आतंकियों को नेता कहते हैं, क्या वे उन्हें महिमामंडित करना चाहते हैं। आतंकियों को आतंकी ही समझा जाना चाहिए। congress ka aatankbadiyo ka support

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