कांग्रेस मुक्त भारत अभियान 2017



इस छवि को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि या तो पालतू पशु देशभक्त है, या कांग्रेस से इसकी कोई पुरानी रंजिश है, जिसका इंतकाम ये वफादार पशु आनंद भाव से ले रहा है। हालांकि, इसमें दो राय नहीं है कि आने वाले दिनों में कांग्रेस का यही हर्ष होना है। कांग्रेस मुक्त भारत की जो नींव पीएम मोदी ने रखी है वो नींव दिन व दिन मजबूत होती जा रही है। पिछले साल पांच राज्यों के चुनाव में कांग्रेस का जो सफाया हुआ है उससे देश में कांग्रेस मुक्त भारत की अभियान तेज हुई है। इस वर्ष पांच राज्यों में चुनाव होने है जिसका परिणाम भी आशा के अनुरूप आने वाला है। congress mukt bharat abhiyan 2017

पीएम मोदी आरएसएस का चमचा है : ओवैसी

अब जबकि कांग्रेस की नैया डूबने वाली है तो कांग्रेस सहारा ढूंढ रही है। जिसका विकल्प बिहार राजनीति की तरह ही ढूंढा जा रहा है । कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद की माने तो कांग्रेस और सपा का गठबंधन किसी भी समय हो सकता है। कांग्रेस की मुख्यमंत्री उम्मीदवार शीला दीक्षित ने भी अखिलेश के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की बात कही है। शीला दीक्षित को भी इस बात की खबर है कि वो मुख्यमंत्री नहीं बनेगी। congress mukt bharat abhiyan 2017

कांग्रेस का बंटाधार होना निश्चित है

मोदी लहर पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और गोवा चारों राज्यों में दौड़ रही है। विपक्षी पार्टियों द्वारा मोदी लहर को   रोकने की पूरी कोशिश की जा रही है। यदि कांग्रेस का समीकरण देखे तो कांग्रेस पूरी तरह से बीजेपी को रोकने का प्रयास करती दिख रही है। उत्तर प्रदेश में सपा से गठबंधन, पंजाब में आप से गठबंधन, उत्तराखंड में स्वतंत्र रूप से, गोवा में भी आप से गठबंधन कर सरकार बनाने की फ़िराक में है। जो शायद ही संभव है क्योंकि कांग्रेस के पास कोई राजनैतिक मुद्दा नहीं है जिसके दम पर चुनाव लड़ा जाये। congress mukt bharat abhiyan 2017

जंहा तक बात आप और सपा की है तो दोनों पार्टियों के काम काज से उत्तर प्रदेश और दिल्ली की जनता अवगत है। यह गलती न पंजाब की जनता दोहराएगी और न ही उत्तर प्रदेश की जनता दोहराएगी। ऐसे में कांग्रेस का बंटाधार होना निश्चित है। congress mukt bharat abhiyan 2017