100 रूपये में बिक रहा, कांग्रेस का टिकट congress ticket sold at rs 100





नई दिल्ली, प्रवीण कुमार पांच राज्यों में विधान सभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस ने कमर कस ली है। कांग्रेस पार्टी को इन पांच राज्यों में हार का सामना करना पड़ा था। पांडुचेरी को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में कांग्रेस का निराशाजनक प्रदर्शन रहा है। इसी क्रम में कांग्रेस पार्टी पश्चिम बंगाल में विजयी उम्मीदवार से 100 रूपये के स्टाम्प पेपर पर हस्तक्षर करवा रही है। कल पश्चिम बंगाल राज्य के कांग्रेस अध्यक्ष रंजन चौधरी ने राज्य के जीते सभी 44 उम्मीदवारों से स्टाम्प पेपर पर लिखित नोटिस पर हस्ताक्षर करवाया कि वो राज्य में कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस के अध्य्क्ष सोनिया गांधी और उपाध्यक्ष राहुल गांधी के प्रति वफादार रहेंगे। कांग्रेस पार्टी के आलाकमान उत्तराखंड के राजनीति से बहुत कुछ सीखी है। congress ticket sold rs 100

कांग्रेस के 9 विधायक बागी congress ticket sold rs 100

हो गए थे। जिस कारण कांग्रेस सरकार अल्पमत में आ गई थी। तक़रीबन दो महीने के बाद उत्तराखंड में राजनीति संकट दूर हुआ। हालंकि, हरीश रावत विश्वास मत हासिल करने में कामयाब रहे। किन्तु इस घटना क्रम से कांग्रेस पार्टी को गहरा सदमा लगा। जिस कारण पांच राज्यों में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। अब जबकि कांग्रेस पार्टी केवल 6 राज्यों तक ही सिमित रह गई है। ऐसे में कांग्रेस अब कोई जोखिम नहीं लेना चाहता है। congress ticket sold rs 100

यूपी, पंजाब, गुजरात और गोवा और उत्तराखंड में अगले साल विधान सभा चुनाव होने वाला है और इसके लिए कांग्रेस पार्टी ने अभी से ही कमर कस ली है। हालांकि, कांग्रेस राष्ट्रिय पार्टी में कुछ बड़े और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ है। इसकी सुगबुगाहट दिग्विजय सिंह ने की थी लेकिन पार्टी के आलाकमान ने पार्टी में कोई खास बदलाव नहीं किया है। अब सबकी नजर कांग्रेस के राजनीति सलाहकार प्रशांत किशोर पर है। जो शायद कुछ दिनों में यूपी के मुख्य्मंत्री पद के उम्मीदवार के नाम की घोषणा करें। जिसमें राहुल गांधी या प्रियंका गांधी को यूपी विधान सभा चुनाव का प्रचारक बना सकती है। congress ticket sold rs 100

 कांग्रेस की राजनीति में पांच राज्यों के चुनावी परिणाम से हलचल मच गई है। एक तरह जंहा अब देश के बड़े राज्यों में विधान सभा चुनाव होना है। वही दूसरी तरफ कांग्रेस के कार्यकर्ता पार्टी के आलाकमान से नाराज है। जिससे कांग्रेस पार्टी को और भी नुकसान हो सकता है। यदि मोदी लहर यूपी में चल जाती है तो कांग्रेस क्षेत्रीय पार्टी बनकर रह जाएगी क्योंकि हालात कांग्रेस के विपरीत है। congress ticket sold rs 100

विशेषज्ञों का मानना है कि कांग्रेस के लिए इस समय अपने सम्मान को बचाना भी मुश्किल है। ऐसे में यूपी विधान सभा पंजाब, गुजरात, गोवा और विवादों से घिरी उत्तराखंड में चुनाव जीतना काफी मुश्किल भरा रहेगा। कांग्रेस के राजनीतिकार प्रशांत किशोर का कहना है कि यदि राहुल गांधी या प्रियंका गांधी के नेतृत्व में यूपी चुनाव लड़ा जाये तो कांग्रेस को बहुमत मिल सकती है क्योंकि यूपी के अमेठी और रायबरेली में राहुल गांधी और सोनिया गांधी का सिक्का बोलता है। ऐसे में इन चेहरों के दम पर यूपी चुनाव फतह किया जा सकता है। किन्तु प्रशांत किशोर की वाणी शायद ही सत्य होगी। congress ticket sold rs 100

एक तरह मोदी लहर तो दूसरी तरफ राहुल गांधी कांग्रेस के इस निर्णय से सहमत नहीं होंगे। प्रशांत किशोर इससे पहले बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाने में अपनी अहम भूमिका निभा चुके है। परन्तु बिहार में लोगों ने जातिवाद पर वोट दिया। जिस कारण बिहार में महागठबंधन की सरकार बनी। परन्तु यूपी का परिपेक्ष विपरीत है। यंहा केवल दो दलों की जंग नहीं होने वाली है। यूपी में महामुकाबला होने वाला है। जिसमें मोदी की लहर तो कांग्रेस की कसर, मुलायम की माय समीकरण और बहन जी का जातिवाद के बीच मुकाबला होना है। ऐसे में कांग्रेस के लिए आने वाला समय और भी मुश्किलों भरा रहने वाला है। congress ticket sold rs 100

कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी देश की विचार धारा से अवगत नहीं होना चाहते है। पुरानी रणनीति पर आधुनिक समय में चुनाव जितना चाहते है। असम में कांग्रेस की हार सिर्फ पुरानी रणनीति पर चुनाव लड़ने के कारण हुई है। यदि कांग्रेस असम में मुस्लिम को भड़काने के बजाय इस वर्ग के लोगों को परिवार के समुचित विकास के लिए आशवासन दिया होता या फिर राज्य में विकास की रणनीति पर चुनाव लड़ते तो शायद आज समीकरण कांग्रेस पार्टी फिर से सत्ता में आ जाती। congress ticket sold rs 100

आज कांग्रेस की यह स्थिति है कि विधायक से जमानत पत्र पर हस्ताक्षर कराना  पड़ता है। कांग्रेस के लिए बड़े ही शर्म की बात है। जंहा देश का सबसे बड़े दल की श्रेणी में आने वाली पार्टी आज अपने गरिमा को बनाये रखने के लिए इस तरह की गतिविधि में शामिल है। कांग्रेस पार्टी के लिए यह समय इतिहास में कई बार आया है। आजादी से पूर्व भी कुछ इस तरह का संयोग बना था। congress ticket sold rs 100

जिस कारण गांधी जी ने कांग्रेस पार्टी से नाता तोड़ लिया था। नेताजी सुभाष चन्द्र बोस ने सन 1939 में कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था। कांग्रेस नव चेतना ने विशवास ना कर रूढ़िवादी राजनीति कर देश में अपने साम्राज्य को स्थापित करना चाहती है। जो आधुनिक युग में संभव नहीं है।  इतिहास भी साक्षी है कि भारत में जिसने भी देश हित के अपनी सोच बदली है। देश ने उसका पुरजोर साथ दिया है। congress ticket sold rs 100

गांधी जी के सफल होने का बड़ा कारण रहा है कि देश की जनता ने कांग्रेस को ठुकरा कर गांधी का समर्थन किया। हालांकि, गांधी विचारधारा कांग्रेस पार्टी से मिलती-जुलती थी पर समय की नजाकत यह था कि लोग किसी तरह कांग्रेस और अंग्रेज से मुक्ति पाना चाहते थे।100 रूपये में बिक रहा, कांग्रेस का टिकट congress ticket sold rs 100