पार्टी तो गई अब ओबेसी ब्रदर्स जाएगा





ओवेसी के सम्पत्ति से जुडी आय के स्रोत के बारे में सही जानकारी नही दिए जाने के कारण असुद्दीन ओबेसी की पार्टी ऐमिम आल इंडिया मजलिसे इत्तहादुल मुसलमीन का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया गया है। वैसे इनके जैसा 192 अन्य पार्टियों का रजिस्ट्रेशन भी रदद् हुआ, जिसके वजह अलग अलग बताये गए हैं लेकिन हर जक में ये कारण अवश्य है।  court banned Asaduddin Owaisi party 

अपने बड़बोलेपन के लिए जाने वाले ओबैसी की हालत तब देखने लायक लग रही थी जब उन्हें ये पूछा गया की इसमें गलती किसकी है ? इसके जबाब में उसने कहा कि गलती हमारे और से रही है। जिसके कारण हमारी पार्टी का रजिस्ट्रेशन रदद् किया गया।  court banned Asaduddin Owaisi party

सैकड़ों मुसलमानों की निर्मम हत्या

सवाल ये उठता है की क्या ये कह देने मात्र से की गलती हमारे और से रही पर इन लोगों को छूट मिलनी चाहिए। इतने दिनों तक जो फंड इन्हें दिया गया वो आखिर देने वाले लोग कौन थे? जिसके बल पर ओबेसी देश को तोड़ने पर उतारू हो गया है। पहली बार ऐसा हुआ जब ओबीसी ने माना की मुझसे कुछ खामियाँ रह गई। ऐसा लगता है की पहलीवार ऊंट पहाड़ के नीचे आया है।  court banned Asaduddin Owaisi party 

ओबीसी ने कहा कि गलती हमारे और से रही है  court banned Asaduddin Owaisi party 

एक आईएस अफसर उत्तम खोबगड़े की पार्टी रिपब्लिकन पार्टी ऑफ़ इंडिया के साथ साथ 191 के साथ भी चुनाव आयोग ने यही किया है। ऐसा लगता है हमाम में सबके सब नंगे हैं। ऐमिम आल इंडिया मजलिसे इत्तहादुल मुसलमीन के दो विधायक अभी राज्य में हैं।  court banned Asaduddin Owaisi party 

चुनाव आयोग ने कहा की हद तो तब हो गई जब कई बार नोटिस भेजने के बाद भी इन्होंने कोई जबाब देना उचित नही समझा। मामला और गहरा गया है आम लोग ऐसे लोगों पर कारबाई चाहते हैं। आखिर कौन किसपर उंगली उठाएगा ?  court banned Asaduddin Owaisi party  
( हरि शंकर तिवारी )