नोट गिनने वाली मशीनों की खरीद पर उठ रहे है सवाल





रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अभी बंद हुए नोटों की गितनी कर रही है। पूर्व वित्त मंत्री यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने विलंब क्यों हो रहे हैं।पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री व वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिंदबरम ने कहा है कि आखिर पुराने नोटों की गितनी में इतनी देरी क्यों हो रही है। उन्होंने कहा है कि नोटबंदी के 8 महीने बाद आरबीआई नोट गिनने वाली मशीन खरीद रही है। क्या आरबीआई ने लीजिंग के बारे में नहीं सुना है। गौरतलब है कि सरकार ने 08 नवबंर 2016 को 500 और 1000 के नोट को अमान्य करार कर दिए थे जिसके बाद काफी हंगामा हुआ। लोगों ने अमान्य हो चुके नोटों को बैंकों में जमा कराया। लेकिन अभी तक नोटों की गिनती नहीं हो सकी। दर्सल रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल ने संसदीय समिति के सामने पेश हुए। currency counting machine pr sawal






मैं हिन्दू हूँ पर आरएसएस का बंदा नहीं हूँ इसलिए मेरे घर पर छापेमारी की गयी है : चिदंबरम

उर्जित पटेल ने संसदीय समिति को बताया कि अमान्य हो चुके नोटों की गिनती का काम अभी जारी है। लेकिन अभी तक नोटों की गिनती नहीं हो पाई है। इसलिए वापस आई राशि के बारे में अभी कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं हैं। नोटों की गिनती लगातार जारी है। इसके लिए 24 घंटे कार्य हो रहा है। जिसमें केवल रविवार को छुट्टी दी जा रही है। गिनती में हो रही इतनी देरी को लेकर पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम का कहना है कि क्यों नहीं आरबीआई लीजिंग कर इसको पूरा करती है। यानी इसे पार्ट में अब तक कर सकते थे। गौरतलब है कि सरकार ने जब 500 और 1000 के नोट को बंद किया उसके बाद देश में कई तरह की अव्यवस्था फैल गई। नोट बंदी के लिए पूर्ण व्यवस्था न होने पर सरकार और रिजर्व बैंक दोनों कठघरे में खड़े हुए। देश में वह व्यवस्था नहीं बन पाई जिससे की तेजी से नोटों को बदला जा सके। आठ महीने बाद भी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया यह बताने मे सक्षम नहीं हुआ है कि कितनी राशि जमा हुई है।  currency counting machine pr sawal

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