इमाम सैयद अहमद बुखारी पर कांग्रेस क्यों थी ‘मेहरबान’





एक तरफ जहां आतंक प्रेमी इमाम सैयद अहमद बुखारी भारत लहूलुहान करने वाले रोहंगिया मुसलमान के पक्ष में बोल रहा, उनका समर्थन कर रहा है। तो वहीं, दुसरी तरफ दिल्ली स्थित जामा मस्जिद के शाही इमाम ने पूर्व प्राधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर से दिए गए आश्वासन पर हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है। emam par congress kyu thi meharban

हम आपको बता दे की मामला क्या है दरअसल, कहा जाता है जब कांग्रेस की सरकार थी और उनके सरकार में मनमोहन सिंह भारत के प्रधान मंत्री  के पद  पर थे वह उस पद पर रहते हुए मनमोहन सिंह ने शाही इमाम को आश्वासन दिया था कि जामा मस्जिद को संरक्षित स्मारक घोषित नहीं किया जाएगा। उनके इस पत्र से साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस ने 2004 के लोकसभा चुनाव में इमाम ने कांग्रेस पार्टी  को समर्थन देने की घोषणा की थी उसी का एहसान चुकाने के लिए ऐसा किया था। emam par congress kyu thi meharban

लखनऊ में कल से दौरेगी मेट्रो




मनमोहन  ने  हाँ इमाम ने कहा था की हम अपना समर्थन कांग्रेस को करेंगे इस बात को मद्दे नजर रखते हुए मनमोहन ने इतना  अहम् फैसला लिया था  इस बात को बीते हुए कई साल हो गए है पर अब दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस आश्वासन  वाले बात सवाल उठाये उच्च न्यायालय इस मामले मै यह जानना चाहती  है कि पूर्व प्रधानमंत्री ने किन वजहों से शाही इमाम को इस तरह का पत्र लिखकर आश्वासन दिया और यूपीए-1 की सरकार ने किन वजहों से फैसला लिया कि मस्जिद को संरक्षित इमारत घोषित नहीं किया जाएगा। emam par congress kyu thi meharban

इसके साथ ही हाईकोर्ट ने इससे संबंधित सारे दस्तावेज मंगवाए हैं। आपको बता दें कि केंद्र सरकार की अनुमति के बिना एक संरक्षित इमारत का उपयोग मीटिंग, रिसेप्शन, कॉन्फ्रेंस या मनोरंजक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने निर्देश दिया कि मंत्रालय मामले से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध करवाया जाए और इसकी छानबीन किया जाए emam par congress kyu thi meharban

झरते बालों को फिर से उगाना है तो इसे खाएं या लगाएं

Leave a Reply