जानिए गौरी लंकेश की हत्या का सच




बेंगलुरु की वासिस्ट पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या मंगलबार को हुई,आपको बता दे की पुलिस ने अपनी जाँच सुरु कर दी है. इस खबर को नवभारत टाइम्स ने इस तरह से प्रकाशित किया है gauri lankesh ki hatao ka sach

बेंगलुरु में मंगलवार को वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के बाद पुलिस ने अपनी जांच शुरू कर दी है। पुलिस को संदेह है कि इस वारदात को अंजाम देने के लिए किराए के शूटर बुलाए गए थे। पुलिस के सूत्रों का कहना है कि जिस तरह हमलावरों ने गौरी लंकेश को फॉलो किया था उसे देख साफ है कि हत्या से पहले रेकी भी की गई थी। कन्नड़ पत्रकार और सोशल ऐक्टिविस्ट गौरी लंकेश को उनके राज राजेश्वरी नगर स्थित आवास पर गोली मारी गई थी। गौरी लंकेश को निशाना बनाकर 7 गोलियां मारी गई थीं। उनके शरीर पर 3 गोलियों के चोट के निशान मिले हैं। gauri lankesh ki hatao ka sach



मोदी ने दिया उम्मीद से ज्यादा

नवभारत टाइम्स ने अपने इस लेख में लिखा  है की मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने घटनास्थल की सीसीटीवी फुटेज भी बरामद कर ली है। 55 साल की गौरी लंकेश को बदमाशों ने तब निशाना बनाया जब वह अपनी कार से उतरकर अपने घर का दरवाजा खोल रही थीं। पड़ोसियों ने गौरी लंकेश को घर के पोर्च में गिरा पाया था। पुलिस अब हत्या की तफ्तीश में जुटी हुई है। शहर के पुलिस कमिश्नर टी सुनील कुमार का कहना है कि हमलावरों को पकड़ने के लिए पुलिस की 3 विशेष टीमें बनाई गई हैं। gauri lankesh ki hatao ka sach

कर्नाटक के गृह मंत्री रामलिंगा रेड्डी का कहना है कि वहां तीन सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। उनके फुटेज की जांच की जा रही है। पुलिस की 3 टीमें वारदात की छानबीन कर रही हैं। हालांकि बेंगलुरु पुलिस ने अभी हमलावरों की निश्चित संख्या नहीं बताई है लेकिन पड़ोसी 3 हमलावरों का अंदेशा जता रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गौरी के माथे पर तीन गोलियां दागी गईं और उनकी तत्काल मौत हो गई। gauri lankesh ki hatao ka sach

नवभारत टाइम्स ने आगे लिखा है की गौरी लोकप्रिय कन्नड़ टैब्लॉइड ‘लंकेश पत्रिका’ की संपादक थीं। नवंबर, 2016 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के नेताओं के खिलाफ एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिस कारण उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया गया। इस मामले में उन्हें छह माह जेल की सजा हुई थी। gauri lankesh ki hatao ka sach

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने वरिष्ठ कन्नड पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या की निंदा की और कहा कि सच को कभी दबाया नहीं जा सकता। केंद्रीय मंत्री स्मृति इरानी ने भी इस हत्याकांड की निंदा करते हुए तेज जांच की उम्मीद जताई है। राहुल गांधी के अलावा कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल, केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी महिला पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया। gauri lankesh ki hatao ka sach

राहुल ने ट्वीट किया, ‘ ‘सच को कभी दबाया नहीं जा सकता। गौरी लंकेश हमारे दिलों में बसती हैं। मेरी संवेदनांए और प्यार उनके परिवार के साथ। दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।’ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने ट्वीट किया, ‘गौरी एक तर्कशील थीं जिन्हें गोलियों से शांत करा दिया गया। उनकी हत्या उन लोगों को चुप कराने का प्रयास है जो विपरीत विचार रखते हैं। दुर्भाग्यपूर्ण है।’ gauri lankesh ki hatao ka sach

केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में कहा, ‘उनकी हत्या की खबर ‘स्तब्ध’ कर देने वाली है।’ केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्नीथाला और केरल यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट ने भी वरिष्ठ पत्रकार की हत्या पर शोक व्यक्त किया। वहीं दिल्ली में प्रेस क्लब ऑफ इंडिया और विमिंज प्रेस क्लब (आई डब्ल्यू पी सी) ने वरिष्ठ पत्रकार गौरी की हत्या की कड़े शब्दों में निंदा की है। gauri lankesh ki hatao ka sach

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