अच्छे कश्मीरी vs बुरे कश्मीरी



मुसलमान का अर्थ है मुसललम ईमान ये बात समय समय पर सामने भी आती है। इसका ताजा उदाहरण आज आया है जब की सारी घाटी जल रही है। हिन्दुओं को खोज खोज कर मारा जा रहा है। अमरनाथ यात्रियों पर हमले हो रहे हैं।    वही दूसरी तरफ कश्मीर में ही कश्मीरी महिला हिन्दू महिलाओं के साथ कश्मीर में शांति स्थापित होने के लिए मिलकर राम आरती कर रही है।   good kashmiri versus bad kashmiri

कश्मीर में जबसे आतंकी बुरहान बानी मारा गया तबसे वहां के हालत बेकाबू हैं। कर्फ्यू लगने के बाबजूद घाटी में आतंक का डंका बज रहा है। ऐसी परिस्थिति में जब मानवता की बात आई तो उसमे भी कश्मीरियों ने एक मिशाल पेश किया। जो की एक प्रेरणा या जिन्दा मिशाल बनकर सबके सामने आज उपस्थित है। good kashmiri versus bad kashmiri

कर्फ्यू के कारण सुरक्षा बलों के फायरिंग में एक उपद्रवी के मरने के बाद अमरनाथ यात्रा को रामबन में रोक दिया गया। बालटाल की स्थिति उपद्रव के दृष्टि से बहुत खराब थी। हालत के मद्देनजर एक अमरनाथ यात्री से भरे गाड़ी को जम्मू जाने को कहा गया। good kashmiri versus bad kashmiri

चुके अबतक इस मामले 37 मौतें हो चुकी थी इसलिए सब पहले से डरे हुए थे। ऐसे में बिजबेहरा जो की महबूबा मुफ़्ती की गाँव है वहां संगम के पास एक ट्रक से इस बस की टक्कर हुई। इस दुर्घटना में एक यात्री के अलावा ड्राइवर विलाल जो स्थानीय निवासी था उसकी मौत हो गई। good kashmiri versus bad kashmiri

कश्मीरियों ने एक मिशाल पेश किया good kashmiri versus bad kashmiri 

बस नीचे गिर गया था कोई बचाने वाला नहीं था तब ग्रामीणों ने कर्फ्यू को तोड़कर वहां करीब पच्चास की संख्यां में पहुंचे। उन लोगों ने तमाम यात्रियों को अपने जान पर खेलकर बचाया। उनके इस मानवता से आविर्भूत यात्रियों ने खूब दिल खोलकर इनलोगों का प्रशंसा किया। good kashmiri versus bad kashmiri

इस्लाम के नाम पर मुस्लिम महिलाओं पर होता है अत्याचार

ज्ञात हो ये बस मेरठ के यात्रियों से भरा हुआ था। उन्होंने यहां तक बताया की अगर मानवता की पाठ पढ़ना हो तो कश्मीरियों से पढ़ें। सचमुच कश्मीरी मुशलमान ईमानदार होने के साथ साथ बड़े मानवतावादी हैं।

इनलोगों को बचाने आये सामान्य नागरिकों ने ये माना की कुछ असमाजिक तत्वों के कारण कश्मीर मुशलमान और इस्लाम बदनाम हुआ है। सच कहते हैं मारने वाले से बचाने वाले का हाथ बड़ा होता है। good kashmiri versus bad kashmiri

दूसरे शव्दों में यह भी कह सकते हैं जाको राखे साइयां मार सके ना कोय लेकिन जो मानवता इन लोगों ने यहां पेश किया उसकी जितनी प्रशंसा किया जाय कम हैं। इससे यह भी साफ़ होता है की मूल आतंकवादी पाकिस्तान से आते हैं। आई एस आई ही यहाँ के भोले भाले युवकों को धन का लालच देकर गुमराह करते हैं। good kashmiri versus bad kashmiri
( हरि शंकर तिवारी )