बैंक की मनमानी से लोगों में बढ़ रही है सरकार के खिलाफ असंतोष




पीएम मोदी के नेतृत्व में मोदी सरकार ने अपने कार्यकाल के तीन साल पुरे कर लिये है। इस दरम्यां देश में आमचुल परिवर्तन देखने को मिला है। ये परिवर्तन शहर से लेकर गांव सभी जगहों पर देखा जा रहा है। कई ऐसे योजनाओं का शिलान्यास मोदी सरकार ने किया जिससे आम जनता को लाभ प्राप्त हुआ है। लेकिन कहते है न कि हर एक विषय के दो पहलु होते है। पहला सकारात्मक और दूसरा नकारात्मक। अब कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। govt bank minimum balance rules

मोदी सरकार ने सर्वप्रथम जन धन योजना की शुरुवात की। जिसका मकसद देश में सभी लोगों को बैंको से जोड़ना था। इस मुहीम में देश की जनता ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया और मोदी सरकार इस योजना में पूरी तरह से सफल रही। govt bank minimum balance rules

इसके अतिरिक्त मेक इन इंडिया, स्टार्ट उप इंडिया, डिजिटल इंडिया, मुद्रा योजना, उज्जवला योजना आदि है जिससे देश की जनता लाभान्वित हुई है। हालाँकि, मोदी सरकार कागजो पर ज्यादा सफल रही है किन्तु ज़मीनी हकीकत कुछ और है। नोटबंदी के बाद ऐसे कयास लगाए जा रहे थे कि इससे देश में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। लेकिन अब इसका असर कुछ उल्टा दिख रहा है। जिस तरह से बैंकों ने अपना दबदबा मार्केट और देश की जनता पर बनाया है। उससे चारो तरफ त्राहिमाम मचा हुआ है। govt bank minimum balance rules

पीएम मोदी कोई भगवान् नहीं है जो लोग उनकी प्रवचन सुने : ममता बनर्जी

नोटबंदी के बाद पीएम मोदी ने जिस अखंड भारत का सपना देखा था। उसमें कही न कही ग्रहण लगता दिख रहा है क्योंकि रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने बैंकों के जिस फॉर्मेट को एक्सेप्ट किया है। उससे आम जनता खासकर गरीब तबके के लोग ज्यादा परेशान है और होंगे। govt bank minimum balance rules

सरकारी बैंको में मिनियम अकाउंट मेन्टेन बैलेंस 5 हजार रूपये है।

प्राइवेट बैंको में मिनियम अकाउंट मेन्टेन बैलेंस 10 हजार रूपये है।

सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के बैंको ने ग्राहकों के बैंक अकाउंट को मिनिमम मेन्टेन बैलेंस के दायरे में ला दिया है। जिसका तात्पर्य ये है कि अब आपको अपने सरकारी बैंक के अकाउंट में हर महीने कम से कम 5 हजार रखने पड़ेंगे। वही प्राइवेट बैंको में ये रकम 10 हजार रूपये है। govt bank minimum balance rules

 

इसमें छुपा है सेहत का खज़ाना, ये नहीं खाया तो क्या खाया

अब गौर करने वाली बात ये है कि भारत कृषि प्रधान देश है। जंहा 50 फीसदी लोग किसान अथवा मजदुर है। जिसका जीवन निर्वहन जैसे-तैसे हो रहा है। वे एक-एक दिन की कमाई जोड़कर बचाये पैसे को जमा करते है और चोरी होने के डर से उसे बैंक में रखते है। यदि उनका अकाउंट हर महीने मेन्टेन नहीं हुआ तो उनके अकाउंट से हर महीने पैसे कट जायेंगे। फिर बैंक अकाउंट का क्या फायदा है ? govt bank minimum balance rules

वही शहरी क्षेत्र में जितनी भी कंपनियां है वे अपने कर्मचारियों की सैलरी बैंक अकाउंट के जरिये देती है। उस कंपनी में सभी कर्मचारियों की सैलरी सामान नहीं होती है। जिस कारण कुछ कर्मचारी अपने अकाउंट को मेन्टेन नहीं कर पाते है और उनके अकाउंट से बैलेंस कट जाते है। govt bank minimum balance rules

मोदी सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

एम आई मीडिया में काम करने वाली कर्मचारी राहुल कुमार और विकास कुमार के साथ  कुछ ऐसा ही हुआ। जब कोटक महिंद्रा बैंक ने मिनियम बैलेंस मेन्टेन नहीं करने के लिए उनके अकाउंट से 1200 रूपये काट लिये। जब कर्मचारी ने इसकी शिकायत बैंक में की तो बैंक ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि मिनियम बैलेंस तो आपको मेन्टेन करना पड़ेगा। जबकि जब अकाउंट ओपन कराया गया था तो इस तरह की बाते नहीं बताई गयी थी। यह बैंक वालों की सरासर मनमानी है। जिससे राहुल और विकास जैसे अनेकों कर्मचारी शिकार हो रहे है। govt bank minimum balance rules

बैंक का नाम- कोटक महिंद्रा बैंक

नाम-राहुल कुमार पंडित

अकाउंट नंबर-13125087656

नाम-विकास कुमार

अकाउंट नंबर- 1312509045

इस बाबत मोदी सरकार को संज्ञान लेने की आवश्यकता है क्योंकि आम जनता में बैंकों की मनमानी से आक्रोश है। इसके लिए कही न कही सरकार और सरकारी तंत्र से जुड़े लोग ही जिम्मेवार है। क्योंकि उनके आदेशों के बाद ही कोई सरकारी नियम लागु होता है। यदि मोदी सरकार इस मुद्दे पर कोई बड़ा फैसला नहीं लेती है तो आने वाले समय में मोदी सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।