GST से व्यापार में हुई तेजी लेकिन पुलिस प्रशासन नहीं सुधरा





जीएसटी एक जुलाई से लागू हुआ जिसके बाद देश में तेजी से फायदे नजर आने लगे हैं। जहां व्यापारियों को सुविधा हो रही है वहीं ट्रक ऑपरेटरों को (आवागमन ढुलाई करने वालों को) अब लालफीताशाही से छुटकारा मिल गया है।

जीएसटी यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू हो जाने के बाद व्यापारियों को इसका जबरदस्त लाभ मिल रहा है। जहां पहले कोई सामान पहुंचने में पांच दिन का समय लगता था। अब सीमा से बैरियर हटने से मात्र तीन दिन में अपनी मंजिल तक पहुंच जा रहा है। जिससे व्यापारियों में खुशी है कई कंपनियों और ट्रांसपोर्ट ऑपरेटरों ने सामान लाने ले जाने में आसानी की हामी भरी है। गौरतलब है कि जीएसटी एक जुलाई को लागू हुआ उसके बाद से 22 राज्यों से बॉर्डर चेकपोस्ट हटा दिए गए। पहले ढुलाई में जो अधिक समय लगता था और भ्रष्टाचार का बढ़ावा मिलता था।

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जहां पहले सीमा पर टैक्स देने के लिए घंटों रुकना पड़ता था अब टैक्स चुकाने में जो समय जाया होता है वह लगभग खत्म हो गया है। ऐसा माना जा रहा है कि जिस राज्य में यह कदम अब तक नहीं उठाए गए हैं वहां भी जल्द ही सुविधाजनक कदम उठाए जाएंगें। कई उत्पादकता का कहना है मल्टिपल चेक पाइंट और टैक्स हटने से सामान ले जाने में तीस फीसदी कम समय लग रहा है वहीं समय की कम से कम तीन दिन की बचत हो रही है। निश्चिततौर पर इससे लालफीताशाही में भी कमी आई है लेकिन पूरी तरह से यह खत्म नहीं हुआ है। अभी भी कई राज्यों में मंथली चार्जेज की मांग की जा रही है।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पहले ही कह चुके हैं कि जीएसटी लागू हो जाने से कम से कम बीस फीसदी लागत व्यापारियों को कम लगेगा। जो सही प्रतीत हो रहा है। गौरतलब है कि देश के जीडीपी में लॉजिस्टिक्स सेक्टर का योगदान 14 फीसदी है, जो अर्थव्यवस्था के लिए काफी मायने रखता है।

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