हरियाणा शिक्षा वयवस्था की लापरवाही,टीचर से लेकर मंत्री तक बेफिक्र




आजादी के 70 साल बाद भी आज देश के कई इलाकों में प्राथमिक शिक्षा के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। हालांकि सरकार लगातार दावे करती रही हैं कि सरकारी विद्यालयों में काफी अच्छी व्यवस्था की गई है। gurgram primary school’s poor condition

गुरुग्राम में एक ऐसा विद्यालय चल रहा है जहां प्राइमरी स्कूलों के बच्चों के लिए सुविधाएं उपलब्ध नहीं है। छह महीने से इस सरकारी स्कूल में बच्चे कॉरिडोर में क्लास लग रहा है। नर्सरी में पढ़ बढ़ रहे बच्चों के लिए कोई डेस्क नहीं होना आश्चर्य में डालता है। ऐसे समय में जब गर्मी का तापमान काफी है। लू के थपेड़े पड़ रहे हैं ऐसे में इन बच्चों को क्लास रूम में बारिश से रूबरू होना पड़ रहा है। नर्सरी में पढ़ रहे बच्चों को जहां अक्षरों और नबंरों के साथ खेलने का समय है उस समय ये बच्चे जिंदगी का पाठ पढ़ रहे हैं। gurgram primary school’s poor condition




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सरकारी मशीनरी ने जिस तरह से सरकारी स्कूल का उपयोग किया है यह काफी सोचनीय़ है। बच्चों के इस स्कूल में क्लासरुम्स में टूटे हुए फर्निचर, खराब सामान और ब्लॉक एजुकेशन के टेक्स्डबुक्स रखी हुई है। जिसके लिए गुरुग्राम में वितरित करना है। जिस प्राइमरी स्कूल में यह सब व्यवस्था किया गया है वहां छह क्लासरूम में दो क्लासरूम सरकारी गोदाम में तब्दील कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस स्कूल एक एक क्लास में 70 विद्यार्थी हैं। कई ऐसे विद्यालय हैं जहां 200-300 विद्यार्थी हैं लेकिन टॉयलट महज एक ही है वह भी हमेशा बदबू आती रहती है। इन स्कूलों में सफाईकर्मी भी नियमित नहीं हैं। यहां के प्राचार्य का कहना है कि वे अपनी जेब से कितनी बार सफाई कराएंगें। gurgram primary school’s poor condition

सरकार की ओर से कोई व्यवस्था नहीं की गई है। गौरतलब है कि देश में शिक्षा के अधिकार का कानून लागू है ऐसे में अगर विद्यालय में बुनियादी शिक्षा भी उपलब्ध नहीं होगी तो ऐसे कानून को लागू करके भी क्या फायदा पहुंचएगा। गौरतलब है कि ऐसे भी कई मामले सामने आए हैं जब दसवीं की परीक्षा जमीन पर, टायलट में बैठा कर लिया जाता है। बुनियादी सुविधा बढ़ाने के लिए सरकार को सजगता दिखानी होगी। gurgram-primary-schools-poor-condition

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