अरुंधति राय आधुनिक भारत की लक्ष्मीबाई है : गुरमेहर कौर



बुरहान वाणी की मौत के बाद घाटी में जो पत्थरबाजी और हिंसा शुरू हुई, वो आज तक जारी है। जिससे अब तक हजारों युवा न केवल अपने घर परिवार से बेघर हुए है बल्कि अपने भविष्य को भी संकट में डाल लिया है। शायद, कश्मीरी युवा सच से वाकिफ नहीं है वो आज अलगाववादी नेताओं द्वारा फेंके गए पैसे से घाटी में अशांति फैला रहे है। कल इसी शांति को पाने के लिए वे दर-दर भटकेंगे। gurmehar kaur support arundhati raay 

वर्तमान परिवेश में भारत को आंकना मुश्किल है

हालाँकि, घाटी में अशांति फैलाने में जेनयू भी आगे है। इसके अतिरिक्त वोट बैंक पॉलिटिक्स करने वाले नेता और कुछ साहित्यकार भी इसमें शामिल है। जिससे देश को काफी नुकसान हो रहा है। ऐसे में देश प्रगति के बजाय दुर्गति की ओर अग्रशील है।

हाल ही में आपने सभी छोटे-बड़े अख़बारों, टीवी, सोशल मीडिया में परेश रावल का ट्वीट पढ़ा होगा। जिसमें उन्होंने सेना को कश्मीरी युवा डार की जगह वरिष्ठ लेखिका अरुंधति राय को जीप के आगे बांधने को कहा। परेश रावल के इस ट्वीट के बाद मानो वोट बैंक नेताओं के पैरो तले ज़मीन खिसक गयी। पर गौर करने वाली बात ये है कि जब ये लेखिका सेना के खिलाफ कुछ बोलती है तो वोट बैंक करने वाले नेता एक बार भी उनका विरोध नहीं करते है। gurmehar kaur support arundhati raay 

बस एक सवाल विचारों में उमड़ता है

खैर, हम मुख्य मुद्दे पर आते है तो परेश रावल के ट्वीट पर किसी ने रिपोर्ट दर्ज करा दी और ट्वीटर ने अभिजीत की तरह ही परेश को ट्वीट हटाने को कहा, अभिजीत ने ट्वीट नहीं हटाया जिस कारण उनका अकाउंट ससपेंड कर दिया गया। वही परेश रावल ने ये ट्वीट हटा लिया। मामला यही नहीं थमा, परेश रावल के ट्वीट की प्रतिक्रिया पर जब हमारे सहयोगी न्यूज़ चैनल क्विंट ने गुरमेहर कौर से जबाब माँगा तो गुरमेहर कौर का जबाब और चौकाने वाला आया है। gurmehar kaur support arundhati raay 

गुरमेहर कौर ने अपने बयान में कहा, परेश रावल ने जिस तरह का ट्वीट किया। उससे वे बहुत शर्मिंदा है। नारी प्रधान देश में इस तरह नारी के साथ अत्याचार जायज नहीं है। यदि आज की तारीख में अरुंधति राय की तुलना इतिहास की महिला से की जाये तो वो लक्ष्मी बाई है। मेरे अनुसार अरुंधति राय आधुनिक भारत की लक्ष्मी बाई है। gurmehar kaur support arundhati raay 

वैसे गुरमेहर कौर ने उम्मीद के अनुसार ही बयान दिया। एक लोकतान्त्रिक देश में बोलने की आजादी सबको है तो फिर कैसे कोई न बोले। जेनयू में खुलेतौर पर सविंधान की धज्जिया उड़ाई जाती है और सरकार मूक दर्शक बनी रह जाती है। ऐसा नहीं है की सरकार एक्शन नहीं लेती है पर ये वोट बैंक नेता सरकार के खिलाफ हो जाते है। जिससे मामला और पेचीदा हो जाता है। हाल ही में शहला रशीद ने भी बीजेपी के नेताओ पर अभद्र आरोप लगाया था। gurmehar kaur support arundhati raay 

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ऐसे में स्वविवेक से बस एक सवाल विचारों में उमड़ता है। आखिर, वोट बैंक नेताओं और जेनयू के छात्रों को किस तरह की सत्ता और सरकार चाहिए। जो देश आत्मनिर्भर हो सके। यदि मोदी सरकार राज में कोई अपने अधिकार की बात करता है तो वो बेईमानी है। हालांकि, वर्तमान परिवेश में भारत को आंकना मुश्किल है परन्तु एक बात है जो काम मोदी ने देश और विदेश में किया है। उसका गुणगान आने वाली पीढ़ी जरूर करेगी। जंहा तक बात एंटी नेशन लोगों की बात है तो वो आने वाले दिनों में भी इसी तरह की राजनीति करते रहेंगे।  gurmehar kaur support arundhati raay 
( प्रवीण कुमार )