भारतीय सेना अब और भी ज्यादा होगा मजबूत: रक्षा मंत्रालय।

रक्षा मंत्रालय भारतीय सेना को अब और भी मजबूत करने जा रहा हैं। रक्षा मंत्रालय मेक इन इंडिया के तहत करीब 60 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले 2,610 फ्यूचर इन्फैंट्री कम्बैट वीइकल (FICVs) परियोजना का काम तेजी से शुरू कर चुका है। Indian Army now more robust: Defence ministry

ये वीइकल सेना को दिए जाएंगे। रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक लंबे समय से लटकी इस परियोजना के लिए ऑर्डनंस फैक्ट्री बोर्ड (OFB) समेत 5 निजी कंपनियां दौड़ में हैं।

सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इनमें से किसी कंपनी का चयन कर FICVs के डिजाइन और नमूना बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

सरकार इसकी डिवेलपमेंट लागत का कुल 80% धन मुहैया कराएगी, जो करीब 3-4 हजार करोड़ रुपये के करीब है। एक सूत्र ने बताया कि बेहतरीन नमूना को बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए चुना जाएगा।

मंत्रालय की एकीकृत परियोजना प्रबंधन टीम (IPMT) द्वारा कंपनियों के एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट के आकलन का काम अंतिम दौर में है। निजी कंपनियों में एल ऐंड टी, महिन्द्रा, पीपावेव डिफेंस ऐंड ऑफसोर इंजिनियरिंग, टाटा मोटर्स-भारत फोर्ज और टाटा पावर एसईडी-टीटागढ़ वैगन्स शामिल हैं।

मेक इन इंडिया के तहत बनने वाली FICVs को रूस की BMP-II की जगह धीरे-धीरे सेना को उपलब्ध कराया जाएगा। सेना के जवान टैंक के पीछे से चलने वाले इस तरह के इन्फैंट्री वीइकल का इस्तेमाल करते हैं।

13 लाख की संख्या वाली मजबूत भारतीय सेना के पास 63 आर्मर्ड रेजिमेंट्स हैं जिनमें टी-90एस, टी-72 और अर्जुन टैंक्स के साथ-साथ BMP वीइकल शामिल हैं।

FICV परियोजना अब तक कई विवादों और रुकावटों के कारण शुरू नहीं हो पाई है। पहली बार इसके लिए 2010 में एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट जारी किया गया था लेकिन रक्षा मंत्रालय ने जांच प्रक्रिया में इसमें कई खामियां पाईं और 2012 में इसे रद्द कर दिया गया था।

एक्सप्रेशन ऑफ इंट्रेस्ट में कंपनियों की कमर्शल, टेक्निकल क्षमता, मजबूत तकनीक और टेक्निकल स्पेसिफिकैशन की जांच की जाएगी। Indian Army now more robust: Defence ministry, Indian Army now more robust: Defence ministry, Indian Army now more robust: Defence ministry, Indian Army now more robust: Defence ministry