MTCR से चीन को घेरेगा भारत




भले ही 24 जून को सोल में भारत को NSG में चीन के विरोध के कारण सदस्य्ता नहीं मिला हो। किन्तु आज भारत सर्वसम्म्ति से MTCR का सदस्य बन गया है।NSG की ही तरह चीन ने भारत का विरोध MTCR में किया था जिस कारण भारत MTCR का सदस्य नहीं बन पाया था लेकिन आज चीन को भी मोदी के प्रयासों और समूह देशों के दबाब के कारण झुकना पड़ा। india become mtcr member 

आइये जाने क्या है एमटीसीआर? india become mtcr member 

एमटीसीआर : मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण संस्थान है जिसकी स्थापना 1997 में समूह सात देशों सहित 12 विकसित देशों ने मिलकर किया था। इस समूह की प्राथमिकता थी की मिसाइल स्तर पर आणविक प्रसार को रोका जाए। बाद में इस समूह में 27अन्य देश भी शामिल हुए। india become mtcr member  

चीन पर भारत का हमला

इसकी स्थापना के समय सभी देशों ने आणविक प्रसार को रोकने के संदर्भ में एक समझौता किया था। जिसमें जैविक और रासायनिक स्तर पर किये जाने वाले परमाणु हथियार पर रोक लगाना था। जबकि इसके सदस्य को ये अधिकार प्राप्त होता है की वो किसी भी देश को मिसाइल बेच सकता है और अमेरिका सहित अन्य देशों से ड्रोन और हाई-टेक मिसाइल की खरीददारी कर सकता है। india become mtcr member 

भारत ने 2008 में समूह का सदस्य बनने के लिए आवेदन किया था किन्तु इटली के विरोध के कारण भारत इस समूह का सदस्य नहीं बन सका था। इस बार इटली ने भारत का समर्थन किया है। राजनितिक सलाहकारों की माने तो इटली का समर्थन करने का मुख्य कारण भारत द्वारा इटली के नौसैनिकों को छोड़ा जाना है। india become mtcr member 

 भारत के इस समूह के सदस्य बनने से चीन और परेशान सकते में है india become mtcr member 

रूस के सहायता से भारत सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल बना चूका है। अब भारत के सदस्य बनने से भारत भी हथियार निर्यातक देश बन जाएगा। हालांकि, इस समूह के सदस्य बनने के बाद भारत अब 300 किलोमीटर तक की मारक क्षमता वाले ही हथियार बना पाएगा। india become mtcr member 

भारत के इस समूह के सदस्य बनने से चीन और परेशान सकते में है क्योंकि चीन और पाकिस्तान भले ही भारत का विरोध विश्व पटल पर करता हो पर अमेरिका के सहयोग और मोदी के कुशल राजनीति से भारत, चीन को पटखनी देने में कामयाब हुआ है। अब भारत वियतनाम के हाथो ब्रह्मोस मिसाइल बेच सकता है जिससे भारत चीन और पाकिस्तान पर कूटनीति रूप से दबाब बनाने में सफल हुआ। india become mtcr member  

( प्रवीण कुमार )