अमेरिका ने चीन को धमकाया कहा भारत को NSG में देंगे एंट्री



24 जून को सोल में एनएसजी समूह के सदस्य के बीच भारत की सदस्य्ता के लिए वार्ता हुई । इस बैठक में चीन के विरोध से भारत को एनएसजी समूह का सदस्य नहीं बनाया गया था। जिस कारण ये बैठक भी विफल रही थी। india will become nsg member 
हालांकि, समूह सदस्य भारत की सदस्य्ता को लेकर पुनर्विचार करने को सहमत हो गए थे। अब जबकि इस बैठक को हुए एक सप्ताह हो गया है। फिर भी अमेरिका एनएसजी में भारत की सदस्य्ता के लिए प्रतिबद्ध है। india will become nsg member 

इसकी जानकारी कल अमेरिकी विदेश विभाग में राज्य मंत्री स्तर के वरिष्ठ अधिकारी और राजनितिक मामलों के सचिव टॉम शैनन ने कहा कि एनएसजी में भारत की सदस्य्ता सुनिश्चित करने के लिए अमेरिका आज भी प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका भारत को एनएसजी में एंट्री दिला कर मानेगा। हमें दुःख है कि चीन के कड़े विरोध के कारण भारत को एंट्री नहीं मिल पाया। लेकिन अमेरिका प्रतिबद्ध है और जल्द ही भारत को एनएसजी समूह का सदस्य बनाया जायेगा। india will become nsg member 

अमेरिका भारत को एनएसजी में एंट्री दिला कर मानेगा india will become nsg member 

टॉम शेनन ने कहा कि भारत एशिया प्रान्त का शांति वाहक है। जबकि चीन जो कुछ हिन्द महासागर में कर रहा है। वो पागलपन है। हम चाहते है कि हिन्द महासागर में भारत बड़ी भूमिका निभाए। india will become nsg member 

उन्होंने कहा कि वर्तमान परिवेश में चीन अपनी शक्ति का अनुचित इस्तेमाल कर रहा है। इसके लिए हम भारत के साथ मिलकर चीन पर लगाम लगाना चाहते है। भारत ने मोदी के नेतृत्व में जिस तरह खुद को प्रस्तुत किया है वो सराहनीय है। हमने भी भारत की सदस्य्ता के लिए भरपूर प्रयास किया। india will become nsg member 

भारत के लोग स्वार्थी हैं : चीन

हालांकि, प्रयास सफल नहीं हुआ है। फिर भी अमेरिका प्रतिबद्ध है। हम भारत का समर्थन इसलिए कर रहे है क्योंकि भारत परमाणु अप्रसार क्षेत्र में महत्वपूर्ण शक्ति है। चीन के विरोध करने पर शेनन ने जमकर हमला किया।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो कोई देश ऐसा करता है। उसे विरोध करने के लिए जबाबदेह होना पड़ेगा। सहमति का अनुचित लाभ न उठायें। यदि भारत के सदयस्ता की बात की जाये तो सभी देश सहमत थे। फिर भी चीन ने खुलकर भारत का विरोध किया। वो गलत है। india will become nsg member 

शेनन ने कहा कि भविष्य में अमेरिका भारत को एनएसजी सदस्य बनाके रहेगा पर चीन के इस विरोध से पता चल गया है कि चीन एशिया महादेश में दादागिरी करना चाहता है। जो अमेरिका नहीं करने देगा। india will become nsg member 

भारत चीन और पाकिस्तान पर दबाब बनाने में सफल हुआ है india will become nsg member 

उन्होंने दोनों देशो के राजनयिकों से अनुरोध किया कि हम मिलकर फिर से इस विषय पर पुनर्विचार करें। वो कमी को ढूंढने की कोशिश करें कि कहाँ हमसे चूक हुई। इसके बाद एक फिर से एनएसजी सदस्य्ता के लिए सफल प्रयास करें। india will become nsg member 

सोल में चीन के विरोध के दो दिन बाद ही अमेरिका के सहयोग से भारत विश्व की सबसे बड़ी मिसाइल प्रद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था का सदस्य बना है। जिससे भारत चीन और पाकिस्तान पर दबाब बनाने में सफल हुआ है। india will become nsg member