भारतीय सेना ने आतंकबादियो को खदेड़ा





एक बार फिर से चीन के  सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। लेकिन वे नाकाम रहे. डोकलाम के बाद लद्दाख इलाके के पैंगॉन्ग झील के उत्तरी किनारे पर चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश की। सीमा पर मुस्तैद भारतीय जवानों ने न सिर्फ घुसपैठ की कोशिश को नाकाम किया, बल्कि उन्हें वापस चीनी सीमा में खदेड़ दिया। Indian army pushes terrorists

 

घुसपैठ की कोशिश में नाकाम होने के बाद चीनी सैनिकों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। भारतीय सैनिकों ने भी पत्थरबाजी का मुंहतोड़ जवाब दिया। पत्थरबाजी की घटना में दोनों तरफ से 2-2 सैनिकों के घायल होने की खबर आ रही है। दोनों पक्षों के बीच टकराव करीब 30 मिनट तक चला। इस खबर को सभी अख़बारों और न्यूज़ चैनल सहित पोर्टल पर मुख्यता से प्रकाशित किया गया है.इस खबर को नवभारत टाइम्स ने इस प्रकार से प्रकाशित किया  है Indian army pushes terrorists



युद्ध के लिए भारत तैयार : चीन में घबराहट

(PLA) के सैनिक दो इलाकों फिंगर फोर और फिंगर फाइव में मंगलवार सुबह 6 से 9 के बीच भारत की सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन वे नाकाम रहे क्योकि  दोनों ही मौकों पर भारतीय जवानों ने उनकी कोशिश असफल कर दी। चीनी सैनिक फिंगर फोर इलाके में घुसने में सफल हो गए थे, लेकिन भारतीय सैनिकों ने वापस उन्हें चीनी सीमा में धकेल दिया। Indian army pushes terrorists

चीनी सैनिकों ने देखा कि उनकी कोशिश असफल हो गई है तब उन्होंने भारतीय सैनिकों पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। इसके बाद भारतीय जवानों ने भी पत्थर फेंके। दोनों पक्ष की तरफ से 2-2 सैनिक घायल हो गए। इस घटना के कुछ देर बाद स्थिति नियंत्रण में आ गई। नई दिल्ली में सेना के एक प्रवक्ता ने इस मसले पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। इस इलाके पर भारत और चीन दोनों अपना-अपना दावा करते रहे हैं। Indian army pushes terrorists

नवभारत ने अपने इस लेख में लिखा है की जब भारत ने 1990 के दशक के आखिर में बातचीत के दौरान इस इलाके पर अपना दावा किया था तो चीनी सेना ने यहां एक सड़क बनाकर इसे अक्साई चीन का हिस्सा बता डाला था। इससे पहले चीनी सेना झील के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्र में लगातार आती रही थी। इस झील का 45 किलोमीटर का हिस्सा भारत में है, जबकि 90 किलोमीटर हिस्सा चीनी क्षेत्र में है। इस इलाके में अब भारतीय सेना अमेरिका से खरीदी गई हाई स्पीड बोट के साथ निगरानी करती है। बोट पर सेना के करीब 15 जवान सवार हो सकते हैं। इसमें रेडार और जीपीएस सिस्टम भी लगा है। Indian army pushes terrorists

गौरतलब है कि डोकलाम में चीन सड़क निर्माण कर रहा था, जिसे भारतीय सैनिकों ने रोक दिया था। पिछले करीब दो महीने से भारत और चीन के बीच तनातनी चल रही है। भारत इस मसले का समाधान बातचीत से करने की बात कह रहा है। उधर, चीनी मीडिया लगातार युद्ध की धमकी दे रहा है। लद्दाख घटना को भी डोकलाम विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।

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