घाटी में पत्थरबाजों की खैर नहीं , मिर्ची गन की जगह फिर से पेलेट गन का होगा इस्तेमाल




8 जुलाई 2016 को हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वाणी को सेना ने मुठभेड़ में मार गिराया था। जिसके बाद पाकिस्तान ने बुरहान वाणी का ऐसा राग अलाप किया। जिससे पुरे कश्मीर में अशांति और अव्यवस्था फ़ैल गई। इसका मुख्य कारण पाकिस्तान और कश्मीरी अलगाववादी नेता रहे। इन्होंने कश्मीरी युवाओं को सच से दूर रखकर उन्हें गुमराह कर दलदल में डाल दिया। indian army will use pellet gun 

घाटी में जमकर पत्थरबाजी हुई, ये पत्थरबाजी नोटबंदी तक हुई। जब पीएम मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी का एलान किया तो घाटी में अलगगाववादी के नेता कश्मीरी युवाओं को पत्थरबाजी के लिए पैसे नहीं दे पाए और न ही पाकिस्तान भारत में नोटबंदी के समय किसी प्रकार की जाली नोट का उपयोग कर पाया। जिससे घाटी में शांति स्थापित होने लगी। घाटी में शांति स्थापित करने में सरकार और सेना का प्रमुख योगदान रहा। indian army will use pellet gun 

सेना घाटी में पेलेट गन का इस्तेमाल करेगी

सेना ने तमाम तरह की मुसबीतें और आलोचनाओं को झेलकर पत्थरबाजों का डटकर सामना किया। इस हमले में सैकड़ों सैनिक घायल हुए। वही दर्जनों सैनिक शहीद हो गए। जबकि तक़रीबन 2 हजार कश्मीरी युवक घायल हुए, सैकड़ों कश्मीरी नागरिक मारे गए। आज ये युवक आँख से अंधे हो चुके है। लेकिन इनकी सुध लेने न पाकिस्तान आया, और न ही अलगाववादी के नेताओं ने इनकी सुध लेने की कोशिश की। वही विपक्षियों ने भी पत्थरबाजों के समर्थन में सरकार से पेलेट गन के इस्तेमाल पर तत्काल रोक की मांग की। सुप्रीम कोर्ट ने भी सेना को पेलेट गन की जगह मिर्ची गन का इस्तेमाल करने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार सेना ने घाटी में पेलेट गन पर रोक लग दी।  indian army will use pellet gun 
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अब जबकि नोटबंदी का असर पूरी तरह से खत्म हो चूका है और घाटी में शांति स्थापित हो चुकी है। तो अलगाववादी के नेता और पाकिस्तान इस बात को हजम नहीं कर पा रहा है। इसी एवज में अलगाववादी फिर से घाटी में अशांति फैलाने की मुहीम में है। जिसे देखकर सेना ने भी पूरी तैयारी कर ली है। indian army will use pellet gun 

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक दुर्गा प्रसाद ने कहा कि हमने फिर से पेलेट गन का इस्तेमाल करने की सोची है। जिसके लिए एक विशेष प्लान किया है। इस प्लान के तहत अब घाटी में पत्थरबाजों के पैर को निशाना बनाकर पेलेट गन का इस्तेमाल किया जाएगा। जिससे पत्थरबाजों या उपद्रवी को घायल किया जा सके। सेना को सख्त हिदायत दी गयी है कि पेट के ऊपर निशाना नहीं साधा जाया। फिलहाल ये प्लान ट्रायल में है और जैसे ही इससे कम नुकसान होने की पुष्टि हो जाती है तो सेना घाटी में इसका इस्तेमाल करेगी।  indian army will use pellet gun 
( प्रवीण कुमार )