इंदिरा गांधी के गलत निर्णय Indira erroneous decision

इंदिरा गांधी के गलत निर्णय से आज तक गिर रहा है रुपया Indira erroneous decision


नीरज कुमार नरुका : Indira erroneous decision

6 जून 1966 यानि ठीक 50 साल पहले घरेलु करेंसी रुपए को डॉलर के मुकाबले लगभग छ गुना कीमत चुकाने कर फैसला लिया गया । बात तब की है जब भारत और पाकिस्तान के बीच जंग खत्म हुई थी और रुपए लड़खड़ा रहा था। तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने दुनियाभर के छोटे बड़े देशो के विरोध के बावजूद रुपये की कीमत में बड़ा बदलाव किया था। Indira erroneous decision

मोदी न केवल भारत के कोहिनूर है बल्कि विश्व के शांति दूत है : पाकिस्तानी मीडिया

6 जून 1966 में भारत की अर्थव्वस्था काफी ख़राब थी। विदेशी निवेश न के बराबर था और इसके आलावा 1965 की भारत-पाक लड़ाई के बाद सरकार की माली हालत भी काफी ख़राब थी सैन्य खर्च भी काफी बढ़ गया था। यह पहला मौका था जब अमेरिका जैसे ताकतवर देश ने पाकिस्तान के साथ मिलकर भारत को दी जा रही मद्दद रोक दी थी

Indira erroneous decision to date is falling rupee.

भारत की हालत काफी नाज़ुक हो गयी थी तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने बड़ा कदम उठाते हुए रूपए की वैल्यू नए सिरे से तय की थी। उस समय एक अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रूपए की वैल्यू 4.76 थी जिसे बढाकर 7.50 कर दिया गया था। गांधी के इस कदम की बहुत आलोचना भी की गयी थी यह दूसरा मौका था जब रूपए की कीमत बड़ाई गयी थी इससे पहले तब किया गया था जब रूपए की तुलना पौंड की जगह डॉलर से की जाने लगी थी जोकि डॉलर से दोगुना होता है। लेकिन इंद्रा गांधी के एक गैर जिम्मेदाराना निर्णय के कारन रूपये का कीमत डॉलर के मुकाबले २ गुना गिर दिया गया और तब से लेकर आज तक रुपया गिरता हीं जा रहा है ऐसे में गिरते हुवे इस रूपये का तारणहार कौन बनेगा। क्या सदी के महानायक नरेंद्र मोदी जी लगातार गिरते हुवे रूपये को सहारा देंगे.  देश के बुद्धिजीवी तो उनसे यही आस लगाए हुए हैं हमें हमारे रुपया को आजादी के वक्त जैसा वापस करने मन मदद करो मोदी जी कॉंग्रेसी ने तो जो डुबोना था डुबो दिया। । …